दिल्ली की अदालत ने गिरोह प्रतिद्वंद्विता से जुड़े 2021 के हत्या मामले में आरोपी व्यक्ति को जमानत दी

दिल्ली की अदालत ने गिरोह प्रतिद्वंद्विता से जुड़े 2021 के हत्या मामले में आरोपी व्यक्ति को जमानत दी

दिल्ली की अदालत ने गिरोह प्रतिद्वंद्विता से जुड़े 2021 के हत्या मामले में आरोपी व्यक्ति को जमानत दी
Modified Date: February 17, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: February 17, 2026 5:33 pm IST

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने गिरोह प्रतिद्वंद्विता से जुड़े 2021 के, हत्या के मामले में आरोपी 29 वर्षीय व्यक्ति को यह कहते हुए जमानत दे दी है कि लंबे समय तक जेल में रहने से उसके त्वरित सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन होगा।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुनीश गर्ग 2021 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के आरोपी नितिन उर्फ ​​आशु द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।

अदालत ने 13 फरवरी के आदेश में कहा, ‘यह स्पष्ट है कि मामले में सुनवाई पूरी होने में लंबा समय लगेगा और इस बीच आरोपी को न्यायिक हिरासत में विचाराधीन कैदी के रूप में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन होगा।’

नितिन को 21 मई, 2021 को जाफर उर्फ ​​आजाद को गोली मारने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। घायल जाफर ने बाद में दम तोड़ दिया था।

यह मामला शुरू में आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 34 (साझा मंशा) के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2020 में आरोपी के भाई की कथित हत्या को लेकर दो गुटों के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता से जुड़ी थी।

अतिरिक्त लोक अभियोजक ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में उसे मृतक पर खुलेआम गोली चलाते हुए देखा गया है।

अदालत ने कहा, ‘सीसीटीवी फुटेज में आवेदक/आरोपी की स्पष्ट तस्वीर नहीं दिखती है। इसके अलावा, सुनवाई जारी है और गवाहों की जांच के बाद ही अंतिम फैसला दिया जा सकता है।’

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा


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