दिल्ली की अदालत ने नियमों का पालन न करने पर एमसीडी को फटकार लगाई, उपायुक्त को तलब किया
दिल्ली की अदालत ने नियमों का पालन न करने पर एमसीडी को फटकार लगाई, उपायुक्त को तलब किया
नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली नगर निगम के उपायुक्त को नोटिस जारी किया है और वरिष्ठ अभियंताओं को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह कदम यह पाने के बाद उठाया कि एक संपत्ति विवाद मामले में नगर निगम द्वारा दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में उसके पूर्व के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है।
वरिष्ठ दीवानी न्यायाधीश-सह-किराया नियंत्रक अनिमेष भास्कर मणि त्रिपाठी, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा एक अनधिकृत और विवादित संपत्ति के विध्वंस से संबंधित एक दीवानी मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे।
न्यायाधीश ने 17 फरवरी के अपने आदेश में कहा, “एमसीडी के उपायुक्त (डीसी) को अदालत का नोटिस जारी किया जाए, जिसमें उनसे कहा जाए कि वे या तो दो दिसंबर, 2025 के आदेश के अनुपालन में अपनी ओर से उचित स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें या अगली सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से इस अदालत के समक्ष उपस्थित रहें।’’
प्रतिवादियों को पहले ही विवादित संपत्ति पर किसी भी प्रकार का और निर्माण करने से रोक दिया गया था। दो दिसंबर, 2025 को एमसीडी ने एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की, जिसके अनुसार 23 अक्टूबर, 2025 को तोड़फोड़ करने का आदेश पारित किया गया था।
अदालत ने दो दिसंबर, 2025 के अपने आदेश में कहा, ‘‘स्थिति रिपोर्ट केवल आज उसे दाखिल करने की औपचारिकता पूरी करने के लिए सतही और यांत्रिक तरीके से दाखिल की गई है।”
इसके बाद अदालत ने संबंधित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता से लिखित स्पष्टीकरण मांगा, जिसे संबंधित उपायुक्त द्वारा 17 फरवरी तक अद्यतन स्थिति रिपोर्ट के साथ विधिवत अग्रेषित किया जाना था।
हालांकि, 17 फरवरी को दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट पर ‘केवल सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के हस्ताक्षर’ थे और इसके साथ न तो अलग से लिखित स्पष्टीकरण संलग्न थे और न ही इसे उपायुक्त द्वारा निर्देशानुसार विधिवत अग्रेषित किया गया था।
अदालत ने मंगलवार को कहा, ‘‘रिकॉर्ड के अवलोकन से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि आज दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट दो दिसंबर, 2025 के आदेश के अनुरूप नहीं है। इसलिए, इसे उचित या वैध स्थिति रिपोर्ट नहीं माना जा सकता।’’
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की और कहा कि तब तक विवादित संपत्ति के मामले में अंतरिम रोक आदेश जारी रहेगा।
भाषा संतोष प्रशांत
प्रशांत

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