दिल्ली की अदालत ने पड़ोसी नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

दिल्ली की अदालत ने पड़ोसी नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

दिल्ली की अदालत ने पड़ोसी नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
Modified Date: June 3, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: June 3, 2026 7:24 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पड़ोस की नाबालिग लड़की से कई बार बलात्कार करने के दोषी 38-वर्षीय एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

बलात्कार के कारण लड़की गर्भवती हो गई थी और 15 वर्ष की आयु में ही मां बन गई थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पूनिया ने 14-वर्षीय एक लड़की के कई बार बलात्कार के लिए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दोषी रामशंकर उर्फ राम की सजा पर बहस के दौरान संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत फैसला सुनाया।

अदालत ने 30 मई को सुनाये गये आदेश में कहा, ‘‘ऐसी कोई पर्याप्त और बाध्यकारी परिस्थितियां नहीं हैं, जिनके आधार पर यह न्यायालय विधि द्वारा निर्धारित आजीवन कारावास की सजा से अलग निर्णय ले सके। आजीवन कारावास की सजा न्याय के साथ-साथ समाज के हित में भी होगी।”

अदालत ने पीड़िता और उसके बच्चे को 18.5 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार दोषी व्यक्ति ने पड़ोसी लड़की के माता-पिता के घर पर न होने के दौरान कई बार उससे बलात्कार किया, जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई और 15 साल की आयु में मां बन गई।

दोषी ने सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए दलील दी कि उसने पहली बार अपराध किया, वह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला व्यक्ति है और उसके दो नाबालिग बच्चे हैं, लेकिन अदालत ने सभी दलीलें खारिज कर दीं।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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