नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) दिल्ली सरकार ने लखनऊ की एक इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के दो दिन बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्थित 923 कोचिंग सेंटर में अग्निसुरक्षा और इमारत से जुड़े नियमों के पालन की जांच के लिए एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का आदेश दिया।
लखनऊ के अलीगंज स्थित जिस इमारत में आग लगी, उसमें दूसरे संस्थानों के अलावा एक एनिमेशन सेंटर भी था और मारे गए अधिकतर लोग छात्र थे।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए)को मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवारिया सराय जैसे बड़े कोचिंग केंद्रों में निरीक्षण अभियान शुरू करने का निर्देश दिया।
यहां जारी एक बयान के मुताबिक जांच टीम यह देखेंगी कि कोचिंग केंद्र आग से सुरक्षा के नियमों, इमारत से जुड़े नियमों और सुरक्षा के अन्य जरूरी मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। एमसीडी एजेंसियों को दिल्ली में सर्वे किए गए 923 कोचिंग सेंटर की जानकारी देगी ताकि समन्वित कार्रवाई की जा सके।
सूद ने दिल्ली अग्निशनम सेवा, दिल्ली पुलिस और संबंधित अन्य विभागों को निर्देश दिया कि वे उन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करें जो तय सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएं या लागू नियमों के खिलाफ काम कर रहे हों।
बयान के अनुसार, एमसीडी से कहा गया है कि वह लागू करने और नियमों का पालन कराने के उपायों के संबंध में दैनिक आधार पर कार्रवाई रिपोर्ट मंत्री के कार्यालय को सौंपे।
इसमें कहा गया है कि ये निर्देश एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान जारी किए गए, जिसमें गृह विभाग, एमसीडी, शहरी विकास विभाग, दिल्ली अग्निशमन सेवा, डीडीएमए और उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारी शामिल हुए थे।
मंत्री ने बैठक के दौरान कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा मानकों, बुनियादी ढांचे और मौजूदा नियामक प्रणाली की भी समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा निदेशालय कोचिंग सेंटर के लिए एक नियामकीय ढांचा तैयार कर रहा है, ताकि नियामकीय खामियों को दूर किया जा सके, जवाबदेही बढ़ाई जा सके, सुरक्षा मानकों में सुधार किया जा सके और निगरानी की एक पारदर्शी प्रणाली स्थापित की जा सके।
सूद ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और चेतावनी दी कि जो संस्थान लापरवाही या नियमों का पालन न करके सुरक्षा से समझौता करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा धीरज नरेश
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