पंजाब के किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया, मोदी-ट्रंप के पुतले जलाए

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पंजाब के किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया, मोदी-ट्रंप के पुतले जलाए

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 10:34 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 10:34 PM IST

होशियारपुर, 24 जून (भाषा) किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसानों ने बुधवार को पंजाब में कई जगहों पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को नुकसान होगा।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले भी जलाए।

यह विरोध-प्रदर्शन ‘किसान मजदूर मोर्चा’ के आह्वान पर आयोजित किया गया था, जिसके तहत पंजाब के 21 जिलों में लगभग 28 जगहों पर प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम हुए।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्रस्तावित व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग की।

होशियारपुर में प्रदर्शन की अगुवाई जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुल्ला ने की। नेताओं ने आरोप लगाया कि इस समझौते से भारतीय कृषि बाजार विदेशी उत्पादों के लिए खुल जाएगा और इसका छोटे एवं सीमांत किसानों पर बुरा असर पड़ेगा।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की व्यापार नीतियां किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों की कीमत पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों तथा वैश्विक व्यापारिक हितों को बढ़ावा दे रही हैं।

नेताओं ने कहा कि अमेरिकी किसानों को बड़े पैमाने पर सरकारी सहायता मिलती है और वे बड़े स्तर पर खेती करते हैं, जिससे मुख्यतः छोटी जोत वाले भारतीय किसानों के लिए उनसे प्रतिस्पर्धा करना कठिन होगा।

नेताओं ने आरोप लगाया कि इस समझौते के कारण भारतीय बाजारों में बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादों, दालों, फलों, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों का आयात हो सकता है, जिससे किसानों की आय और कृषि अर्थव्यवस्था पर और बुरा असर पड़ सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने और बिजली संशोधन विधेयक 2025 तथा बीज विधेयक 2025 को वापस लेने की मांग की। उन्होंने स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने का विरोध किया।

भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के अध्यक्ष मंजीत सिंह राय ने कहा कि मॉनसून और कुछ जिलों में कम बारिश के अनुमान के बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हालिया बयान से पता चलता है कि बेहतर तैयारी की जरूरत है।

राय ने कहा कि किसान संगठन लंबे समय से सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पानी बचाने वाली फसल पद्धतियों को बढ़ावा देने और नहर सिंचाई सुविधाओं का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

भाषा आशीष पारुल

पारुल