दिल्ली सरकार सिर्फ़ मिंटो ब्रिज की बात कर रही, जलभराव वाले इलाकों को नजरअंदाज कर रही: केजरीवाल

दिल्ली सरकार सिर्फ़ मिंटो ब्रिज की बात कर रही, जलभराव वाले इलाकों को नजरअंदाज कर रही: केजरीवाल

दिल्ली सरकार सिर्फ़ मिंटो ब्रिज की बात कर रही, जलभराव वाले इलाकों को नजरअंदाज कर रही: केजरीवाल
Modified Date: July 9, 2026 / 08:48 pm IST
Published Date: July 9, 2026 8:48 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार केवल ‘मिंटो ब्रिज अंडरपास’ पर जलभराव की समस्या के समाधान का प्रचार कर रही है, जबकि शहर के अन्य हिस्सों की अनदेखी की जा रही है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि दिल्ली के कई इलाके जलभराव, गंदगी और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या से जूझ रहे हैं।

उनकी यह टिप्पणी भाजपा सरकार के उस दावे के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि अतिरिक्त नाला बनाकर मिंटो ब्रिज अंडरपास पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया है।

केजरीवाल ने कहा, ‘‘पूरी दिल्ली जलमग्न है, लेकिन वे केवल मिंटो ब्रिज अंडरपास की बात कर रहे हैं। हमारी सरकार के दौरान हमने इस समस्या का समाधान कर दिया था। इसके अलावा शहर के कई अन्य इलाकों में जलभराव की समस्या है, जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और सड़कें क्षतिग्रस्त हैं।’’

दिल्ली में ‘आप’ के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसे शहर के अन्य प्रभावित इलाकों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देना चाहिए।

भारद्वाज ने कहा, ‘‘एशिया के सबसे बड़े थोक बाजार सदर बाजार में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। दिल्ली सरकार केवल मिंटो ब्रिज की बात कर रही है। पूरे शहर को देखिए। बुराड़ी, संगम विहार, रिंग रोड और कई अन्य इलाकों में भी जलभराव है और स्थिति खराब है।’’

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी सोशल मीडिया पर जलभराव वाले इलाकों की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए सरकार की मानसून से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठाए।

इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि मिंटो ब्रिज अंडरपास पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया है और सरकार अन्य संवेदनशील स्थानों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी आईटीओ स्थित विभाग के नियंत्रण कक्ष का दौरा कर जलनिकासी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्थानों पर जमा पानी 15 से 20 मिनट के भीतर निकाल दिया जा रहा है।

सिंह ने कहा, ‘‘पिछले वर्षों की तुलना में इस बार स्थिति बेहतर है।’’

भारद्वाज की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सौरभ भारद्वाज के पास अब कोई और काम नहीं बचा है। वह ऐसी जगह तलाशते रहते हैं जहां थोड़ा-बहुत पानी दिख जाए, उसकी तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। दिल्ली बहुत बड़ा शहर है और यहां हजारों सड़कें हैं। जलभराव तब माना जाता है, जब पानी तीन-चार घंटे तक न निकले। यदि 15-20 मिनट में पानी निकल जाए तो उसे जलभराव नहीं कहा जाता।’’

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से किए गए उपायों के बाद मिंटो ब्रिज अंडरपास सहित अन्य अंडरपासों पर अब जलभराव की समस्या का समाधान हो चुका है।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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