बाघ संरक्षण एजेंसी ने बचाव कार्यों और संरक्षण पर रिपोर्ट जारी की
बाघ संरक्षण एजेंसी ने बचाव कार्यों और संरक्षण पर रिपोर्ट जारी की
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने बृहस्पतिवार को दो रिपोर्ट जारी कीं, जिनमें से एक वन्यजीवों के बचाव एवं पुनर्वास को मजबूत करने की रूपरेखा पर आधारित थी जबकि दूसरी भारत के बाघ अभयारण्यों में संरक्षण से जुड़े प्रयासों के आकलन पर केंद्रित थी।
दोनों रिपोर्ट कोयंबटूर में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के दौरान जारी की गईं।
पहली रिपोर्ट का शीर्षक ‘बचाव की रूपरेखा : बाघ की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जंगली जानवरों के बचाव और पुनर्वास के लिए अस्थायी/ट्रांजिट सुविधाएं स्थापित करने का रणनीतिक रोडमैप’ है।
यह रिपोर्ट भारत में बाघ की मौजूदगी वाले इलाकों में वन्यजीवों के बचाव, पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित रूप से वापस जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक वैज्ञानिक और रणनीतिक ढांचे पर ध्यान केंद्रित करती है।
दूसरी रिपोर्ट का शीर्षक ‘छलांग 2026 : बाघ अभयारण्यों की स्थिति-बुनियादी ढांचा, विकास, पारिस्थितिकी और सामाजिक पैमाने’ है।
इसमें भारत के बाघ अभयारण्यों में संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े उपायों का विस्तृत आकलन किया गया है।
यह रिपोर्ट बाघ संरक्षण के उपायों को मजबूत करने के लिए सबूतों पर आधारित योजना बनाने, हालात के अनुसार प्रबंधन करने और जानकारी के आधार पर फैसले लेने में मदद करेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में देश में बाघ संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े अहम नीतिगत, प्रबंधकीय और संस्थागत मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
भाषा पारुल देवेंद्र
देवेंद्र

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