दिल्ली: आवारा कुत्तों में रेबीज खत्म करने की कार्ययोजना लागू करने पर सरकार से जवाब तलब

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दिल्ली: आवारा कुत्तों में रेबीज खत्म करने की कार्ययोजना लागू करने पर सरकार से जवाब तलब

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 07:38 PM IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों में रेबीज खत्म करने के लिए तैयार कार्ययोजना को लागू करने के मामले में सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा।

अदालत ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को भी आवारा कुत्तों के टीकाकरण व बंध्याकरण के लिए उठाए गए आगे के कदमों पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने दिल्ली सरकार के वकील को निर्देश लेने व ‘न्याय मित्र’ की ओर से पेश की गई कार्ययोजना तथा उनकी सिफारिशों पर दिए गए सुझावों के संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

पीठ को सुनवाई के दौरान बताया गया कि मामले में अदालत की सहायता के लिए नियुक्त न्याय मित्र ने वर्ष 2030 तक भारत से कुत्तों के कारण फैलने वाले रेबीज को खत्म करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है।

अदालत को बताया गया कि एमसीडी ने अगस्त और सितंबर में आनंद विहार वार्ड में चार शिविर लगाए, जिनमें 43 आवारा कुत्तों को पकड़ा गया, उनका बंध्याकरण व टीकाकरण किया गया तथा बाद में उन्हें उनके संबंधित क्षेत्रों में छोड़ दिया गया। एमसीडी के वकील ने बताया कि इन शिविरों के बारे में व्यापक प्रचार किया गया था और सभी संबंधित पक्षों ने सक्रिय सहयोग किया।

उन्होंने बताया कि शिविर सुचारू रूप से आयोजित किए गए।

वकील ने बताया कि जनता या किसी संगठन की ओर से इन शिविरों का कोई विरोध नहीं किया गया।

अदालत को बताया गया कि एनडीएमसी ने भी शिविर आयोजित किए, जिनमें 28 कुत्तों को पकड़ा गया, 615 कुत्तों का टीकाकरण किया गया और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अदालत ने एमसीडी और एनडीएमसी को अपनी स्थिति रिपोर्ट में यह बताने का निर्देश दिया कि उनके क्षेत्रों में कितने कुत्तों को पकड़ा गया है।

अदालत ने साथ ही नगर निकायों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके अधिकार क्षेत्र के कम से कम एक वार्ड को रेबीज मुक्त घोषित किया जाए।

अधिकारियों ने अदालत को बताया कि वे आगे भी शिविर आयोजित करते रहेंगे और प्रयास करेंगे कि कम से कम एक वार्ड को रेबीज मुक्त घोषित किया जाए तथा सभी कुत्तों का टीकाकरण व बंध्याकरण किया जाए।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख तय की।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत