दिल्ली सरकार ‘खतरनाक’ कैदियों को दूसरे राज्यों के कारागारों में स्थानांतरित करेगी
दिल्ली सरकार ‘खतरनाक’ कैदियों को दूसरे राज्यों के कारागारों में स्थानांतरित करेगी
नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार की योजना राष्ट्रीय राजधानी में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कारागार में बंद ‘कुख्यात’ कैदियों को अन्य राज्यों की जेलों में स्थानांतरित करने है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, सरकार ने मई 2026 में 26 गिरोहों के 188 सदस्यों की पहचान की और उनमें से 107 को गिरफ्तार किया।
सीएमओ ने कहा कि कारागार में बंद होने के बावजूद, ये ‘खूंखार अपराधी’ जेल की सुविधाओं और स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल करके जबरन वसूली के गिरोह चलाते हैं, लक्षित हत्याएं करवाते हैं, गैंगवार करते हैं और अपने गठजोड़ का विस्तार करते हैं।
बयान के मुताबिक, कैदियों को दिल्ली से बाहर ले जाने का उद्देश्य उन्हें अलग-थलग करना है, ताकि वे गवाहों को प्रभावित न कर सकें, मुकदमों में बाधा न डाल सकें या जेल के अंदर से कोई साजिश न रच सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कारावास की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनहित के मद्देनजर ऐसे कैदियों का एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण करना है, साथ ही संगठित अपराध से निपटने में राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
मौजूदा समय में ‘कैदियों के स्थानांतरण अधिनियम, 1950’ और ‘कारागार अधिनियम, 1900’ के तहत केवल दोषी ठहराए गए कैदियों को ही एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया जा सकता है, जबकि विचाराधीन कैदियों को स्थानीय हिरासत तक ही सीमित रखा जाता है।
सीएमओ ने बताया कि इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ‘कैदियों के स्थानांतरण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025’ को लागू करने की योजना बना रही है। इस व्यवस्था के तहत, अधिक जोखिम वाले विचाराधीन कैदियों को राज्यों की आपसी सहमति या गृह मंत्रालय की मंजूरी से एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया जा सकेगा।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश

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