दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता अल्लू अर्जुन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता अल्लू अर्जुन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन के व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों की रक्षा करते हुए व्यावसायिक लाभ के लिए उनके नाम, आवाज, हाव-भाव या चित्र के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
‘पुष्पा’ फेम अभिनेता की याचिका पर 17 अप्रैल को पारित अंतरिम आदेश में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि अर्जुन का “शानदार करियर” रहा है और उनके बेहद लोकप्रिय संवाद एवं विशिष्ट हाव-भाव दर्शाते हैं कि वह प्रशंसकों के दिलों में “कितना ऊंचा कद रखते हैं।”
उन्होंने कहा कि नाम, आवाज, हाव-भाव या चित्र जैसी विशेषताएं स्पष्ट रूप से अभिनेता के कॉपीराइट का मामला हैं, जिन पर उनका विशिष्ट अधिकार है और अगर अंतरिम राहत नहीं दी गई, तो उन्हें अपूरणीय क्षति और हानि होगी।
उच्च न्यायालय ने इस बात पर भी गौर किया कि अर्जुन के नाम, संक्षिप्त नाम आदि पर विभिन्न ट्रेडमार्क पंजीकृत हैं।
उसने कहा, “प्रतिवादियों को वादी के व्यक्तित्व/प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करने से प्रतिबंधित किया जाता है, जिसके तहत वे वादी के नाम ‘अल्लू अर्जुन’; चित्र एवं समानता; और किसी भी अन्य विशेषता (जो खास तौर पर उनकी पहचान से जुड़ी हो) का वादी की सहमति या अनुमति के बिना किसी भी व्यावसायिक और/या व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।”
उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया मंचों को अर्जुन के व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को हटाने का भी निर्देश दिया।
अदालत इससे पहले अभिनेता सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर सहित अन्य हस्तियों के भी व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके नाम, आवाज, हाव-भाव या चित्र के अनधिकृत इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा चुकी है।
भाषा पारुल वैभव
वैभव

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