नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के अध्यक्ष उधय भानु चिब को राहत देते हुए सोमवार को एक सत्र अदालत के आदेश पर रोक लगा दी, जिसने एआई शिखर सम्मेलन विरोध प्रदर्शन मामले में उनकी जमानत पर रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति सौम्या बनर्जी की पीठ आईवाईसी के प्रमुख चिब की जमानत पर सत्र अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सत्र अदालत ने मजिस्ट्रेट अदालत की ओर से दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी।
उच्च न्यायालय ने कहा, “इस मामले में कुछ दिमाग लगाया जाना चाहिए था। यदि सोच-विचार नहीं किया गया है, तो आदेश पर रोक लगानी होगी।”
न्यायालय ने कहा कि सत्र अदालत का आदेश सही तरीके से स्पष्ट नहीं किया गया था। अदालत ने इसे ‘बहुत ही दुर्लभ और असाधारण’ मामला बताते हुए आदेश पर रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति बनर्जी ने कहा, ‘इस आदेश में कारण क्यों नहीं बताए गए? आप पहले पृष्ठ को देखें, फिर पृष्ठ पलटें। कारण या निष्कर्ष कहां हैं?’
सत्र अदालत ने मजिस्ट्रेट अदालत की ओर से चिब को दी गई जमानत पर 28 फरवरी को अस्थायी रोक लगा दी थी।
निचली अदालत ने 24 फरवरी को चिब को चार दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
उन्हें 20 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में टी-शर्ट उतारकर किए गए आईवाईसी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर गिरफ्तार किया गया था।
आईवाईसी कार्यकर्ता एआई शिखर सम्मेलन स्थल में प्रवेश करते हुए सफेद टी-शर्ट पहने हुए थे और उन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी हुई थीं, साथ ही ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’, ‘एप्स्टीन फाइल्स’ और ‘प्रधानमंत्री झुक गए’ जैसे नारे लिखे थे।
प्रदर्शनकारियों ने सम्मेलन स्थल पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों से झगड़ा भी किया था।
भाषा जोहेब नरेश
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