Iran Israel Conflict Impact on Petrol Diesel Rates / Image Source : FILE
नई दिल्ली :Petrol Diesel Price India Todayपश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। तेहरान पर हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग 9 प्रतिशत तक चढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड अब 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 88 प्रतिशत आयात करता है, ऐसे में वैश्विक कीमतों में यह उछाल देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकता है। हालांकि, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने की एक सुविचारित नीति का पालन कर रही है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम होने पर तेल कंपनियां मार्जिन बनाती हैं और दरें बढ़ने पर घाटा वहन करती हैं। इसी रणनीति के कारण अप्रैल 2022 से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। वर्तमान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कच्चे तेल और एलपीजी की उपलब्धता की समीक्षा की है। Iran Israel Conflict Impact on Petrol Diesel Rates भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर है, जिससे देश का लगभग आधा तेल आयात होता है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने की धमकी और बीमा कंपनियों द्वारा टैंकरों का कवर वापस लेने से शिपिंग मूवमेंट पर असर पड़ा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है।
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम जैसे राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, सरकार कीमतों में वृद्धि से बचना चाहती है ताकि विपक्ष को कोई मुद्दा न मिले। Petrol Diesel Rates Stability April 2022 पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उभरती स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और सामर्थ्य सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं पर कीमतों का तत्काल बोझ पड़ने के आसार कम हैं।
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