Barwani Destination Cabinet | Photo Credit: X.com
भोपाल: Barwani Destination Cabinet मध्यप्रदेश की मोहन सरकार लगातार डेस्टिनेशन कैबिनेट कर रही है और प्रदेश के विकास का खाका खींच रही है। मोहन सरकार ने सोमवार को बड़वानी के नागलवाड़ी में 7 वीं डेस्टिनेशन कैबिनेट की बैठक की और भगोरिया उत्सव में सीएम मोहन जनजातीय उमंग में थिरकते हुए भी नजर आए। कृषि कैबिनेट में सरकार ने किसानों और कृषि को लेकर कई अहम फैसले किए और कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता क्षेत्रों में कामों और योजनाओं के लिए सरकार ने दिल खोलकर खजाना लुटाया। किसानों के लिए 6 विभाग की 16 योजनाओं के लिए 27,746 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। कृषक कल्याण वर्ष के विजन के साथ किसानों की उन्नति का संकल्प दुहराया।
Barwani Destination Cabinet बड़वानी के पहले मोहन सरकार ने 6 डेस्टिनेशन कैबिनेट मीटिंग कर चुकी हैं। मोहन सरकार ने 3 जनवरी 2024 को पहली कैबिनेट बैठक जबलपुर के भेड़ाघाट में, 5 अक्टूबर 2024 को दूसरी बैठक दमोह के सिंग्रामपुर में और 24 जनवरी 2025 को खरगोन के महेश्वर में तीसरी कैबिनेट मीटिंग की। जबकि 3 जून 2025 को पचमढ़ी में चौथी, 5 अक्टूबर 2025 को इंदौर के राजवाड़ा में पांचवी और 9 दिसंबर 2025 को छतरपुर के खजुराहो में छठवीं कैबिनेट मीटिंग हुई। सरकार इसके जरिए क्षेत्रीय और समग्र विकास का दावा कर रही है, लेकिन कांग्रेस डेस्टिनेशन कैबिनेट मीटिंग को जुमला बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है।
कुलमिलाकर डेस्टिनेशन कैबिनेट को जहां सरकार विकास का महत्वपूर्ण आधार बता रही है, तो कांग्रेस आरोपों की बौछार करने में पीछे नहीं है, लेकिन सवाल ये है कि- डेस्टिनेशन कैबिनेट के फैसले जमीन पर कितने लागू हुए और जनता को क्या इससे वाकई फायदा मिल रहा है? सबसे बड़ा सवाल ये कि- डेस्टिनेशन कैबिनेट के जरिए आखिर सरकार कौन सा मैसेज देना चाहती है?