दिल्ली के अस्पताल ने दो साल के बच्चे का दुर्लभ ‘स्टेम सेल’ प्रत्यारोपण किया

दिल्ली के अस्पताल ने दो साल के बच्चे का दुर्लभ ‘स्टेम सेल’ प्रत्यारोपण किया

दिल्ली के अस्पताल ने दो साल के बच्चे का दुर्लभ ‘स्टेम सेल’ प्रत्यारोपण किया
Modified Date: May 12, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: May 12, 2026 10:08 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) दिल्ली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने कश्मीर के दो वर्षीय बच्चे का सफलतापूर्वक दुर्लभ ‘स्टेम सेल’ प्रत्यारोपण किया। बच्चा ‘ऑस्टियोपेट्रोसिस’ नामक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा आनुवंशिक अस्थि रोग से पीड़ित था।

यह बीमारी ‘सीएलसीएन7’ जीन में परिवर्तन के कारण होती है।

एक निजी अस्पताल द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बच्चे में बीमारी के लक्षण जन्म के तीन महीने बाद से ही दिखने शुरू हो गए थे और माता-पिता ने शिशु के पेट में लगातार सूजन देखी थी।

चार महीने की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उसकी आंख असामान्य झपकने लगी।

जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती गई, बच्चे की सुनने और देखने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगी। आगे की चिकित्सकीय जांच में उसमें खून की गंभीर कमी का पता चला। साथ में उसकी तिल्ली के अत्यधिक बढ़ जाने का भी पता चला।

बयान के अनुसार, दिल्ली में विस्तृत जांच और उन्नत आनुवंशिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने पाया कि बच्चे को ‘सीएलसीएन7 जीन’ में परिवर्तन से जुड़ा ‘ऑस्टियोपेट्रोसिस’ रोग है। यह एक दुर्लभ वंशानुगत बीमारी है, जिसमें हड्डियां सामान्य से अधिक घनी और कमजोर हो जाती हैं।

अस्पताल के अनुसार, यह स्थिति धीरे-धीरे अस्थि मज्जा, तंत्रिकाओं, दृष्टि और श्रवण शक्ति को नुकसान पहुंचा सकती है, और यदि इसका इलाज न किया जाए तो यह जान भी ले सकती है।

एक अत्यधिक विशेष चिकित्सा प्रक्रिया में डॉक्टरों ने बच्चे में ‘स्टेम सेल’ का प्रत्यारोपण किया। इसका दान उसके पिता ने किया था।

बयान के मुताबिक, बच्चे ने उपचार पर अच्छी प्रतिक्रिया दी और 20 दिनों के अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। अस्पताल ने कहा कि छह महीने बाद किए गए परीक्षणों में प्रत्यारोपण के सफल होने का संकेत मिला।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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