लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी की गिरफ्तारी के बाद हनुमान जयंती के मद्देनजर दिल्ली में हाई अलर्ट
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी की गिरफ्तारी के बाद हनुमान जयंती के मद्देनजर दिल्ली में हाई अलर्ट
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) पुलिस ने हनुमान जयंती से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी है। यह कदम लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी के तीन दिन बाद उठाया गया है, जिस पर राजधानी में आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लोन से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि वह दिल्ली के कुछ प्रमुख मंदिरों के वीडियो और तस्वीरें एकत्र कर रहा था।
लोन को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने 29 मार्च को गिरफ्तार किया था। उसने कथित तौर पर कबूल किया है कि शहर के तीन प्रसिद्ध मंदिर संभावित लक्ष्य थे।
एक सूत्र ने बताया, ‘लोन ने आतंकी नेटवर्क को फिर से बहाल करने के उद्देश्य से मंदिरों और अहम बाजारों सहित कई भीड़-भाड़ वाले स्थानों की रेकी की थी।’
जिन स्थानों की उसने वीडियो रिकॉर्डिंग की, उनमें छतरपुर मंदिर, कालकाजी मंदिर और लोटस टेंपल शामिल थे। उसने कनॉट प्लेस और लाजपत नगर बाजार जैसे व्यस्त सार्वजनिक क्षेत्रों के दृश्य भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें वह कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद अपने सहयोगियों के साथ साझा करता।
पुलिस ने उसे ‘कट्टर और उच्च प्रशिक्षित आतंकवादी’ बताते हुए कहा कि लोन ने पाकिस्तान की इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) की ओर से काम करने वाले आकाओं के साथ संबंध स्थापित कर लिए थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हनुमान जयंती के अवसर पर निकलने वाली शोभा यात्राओं और सभाओं के मद्देनजर पूरी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, विशेष रूप से संवेदनशील मार्गों और प्रमुख मंदिरों पर ध्यान दिया जा रहा है।’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से निगरानी को बढ़ाया गया है।
लोन को इससे पहले 2007 में आतंकी गतिविधियों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
लोन को हाल में सामने आए लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल से जुड़े एक मामले में 29 मार्च को विशेष प्रकोष्ठ की नयी दिल्ली रेंज ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के दौरान विदेशी मुद्रा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
सूत्रों ने बताया कि लोन सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य सदस्यों के संपर्क में था, अक्सर अपनी पहचान बदलता रहता था और कथित तौर पर बांग्लादेश, नेपाल और भारत से जुड़े मार्गों के माध्यम से युवाओं की भर्ती करने का प्रयास कर रहा था।
इस बीच, पुलिस ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी में व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी इलाके में 2022 में हनुमान जयंती की शोभा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस ने धार्मिक जुलूसों में भाग लेने वालों की संख्या 500 तक सीमित कर दी है और ऐसे आयोजनों के दौरान इलाके में हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि त्योहार से पहले सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए जहांगीरपुरी में अमन कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई है।
पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों, बाजारों, मंदिरों और शोभा यात्रा के मार्गों पर मोटरसाइकिल और पैदल दोनों तरह से गश्त तेज कर दी गई है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश

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