दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों को ‘म्यूल‘ बैंक खाते उपलब्ध कराने वाली युवती को गिरफ्तार किया

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दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों को ‘म्यूल‘ बैंक खाते उपलब्ध कराने वाली युवती को गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 02:47 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 02:47 PM IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों को ‘म्यूल’ खाते कथित रूप से उपलब्ध कराने वाली 22 वर्षीय युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े ‘म्यूल’ (ठगी का पैसा लेने के लिए इस्तेमाल किए गए) बैंक खातों के संचालन में शामिल थी। पुलिस ने उसके पास से दर्जनों एटीएम कार्ड, चेकबुक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान रश्मि के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा पश्चिम की निवासी है। उसे छह फरवरी को रोहिणी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर साइबर धोखाधड़ी की कई शिकायतें प्राप्त होने के बाद, पांच फरवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किए गए एक मामले के संबंध में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “जांच के दौरान पता चला कि विजय विहार निवासी असलम के नाम पर दो बैंक खातों का कथित तौर पर ठगी की धनराशि को प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। बेंगलुरु में एक पीड़ित से 50,000 रुपये और तेलंगाना में एक अन्य पीड़ित से 3.8 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।”

अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये खाते धोखाधड़ी और अवैध रूप से धन की हेराफेरी में शामिल एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का हिस्सा थे।

पुलिस ने मामले की विस्तृत तकनीकी जांच की, जिसमें संदिग्ध बैंक खातों के विवरणों की जांच, बैंकिंग ऐप के लॉगिन और लॉगआउट आईपी लॉग की जांच और 50 से अधिक मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) का विश्लेषण शामिल है।

तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से आरोपी के सक्रिय ठिकाने का पता ग्रेटर नोएडा में चला। पुलिस ने बताया कि छापेमारी की गई और रश्मि को एक आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर कबूल किया कि वह पर साइबर धोखाधड़ी करने वालों को कमीशन के आधार ‘म्यूल’ बैंक खाते उपलब्ध कराती है।

पुलिस ने बताया कि इन खातों का इस्तेमाल फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजनाओं, धोखाधड़ी वाले ऑनलाइन ट्रेडिंग मंचों और निवेश पर उच्च लाभ देने के नाम पर ठगी के लिए किया जाता था।

धोखाधड़ी से प्राप्त धन को पकड़े जाने से बचने के लिए कई खातों में भेजा गया था।

रश्मि ने खुलासा किया कि बैंक खाता किट सह-आरोपी छाया द्वारा उपलब्ध कराई गई थी, जिसे इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

उसने यह भी खुलासा किया कि इसमें गिरोह के सरगना माने जा रहे विवान की भी संलिप्तता है। पुलिस ने बताया कि उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

इस अभियान के दौरान कुल 32 एटीएम कार्ड, 61 चेकबुक, 18 पासबुक, आठ मोबाइल फोन, छह लैपटॉप, एक पीओएस स्वाइप मशीन और एक क्यूआर कोड स्कैनर बरामद किया गया।

भाषा नोमान

नोमान मनीषा

मनीषा