CM On Bemetara Mukhyamantri Kanya Vivah / Image Source : X
रायपुर : : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह में भारी अव्यवस्था का मामला सामने आया है। इस कार्यक्रम में बेमेतरा के विधायक दीपेश साहू ने भी शादी की। विवाह के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे दूल्हा-दुल्हन, बाराती और घराती सभी बचने के लिए सिर पर जो मिला उसे रखकर भागते नजर आए। इस अव्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कलेक्टर और एसपी को कड़ी फटकार लगाई है।
इस पूरे मामले के गरमाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपना आधिकारिक बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने कमिश्नर को इस पूरे मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं। सीएम ने कहा कि कलेक्टर ने इस संबंध में हमसे पूछा था और हमने ही वहां कार्यक्रम करने के लिए कहा था। सामूहिक विवाह को लेकर पूरी तैयारी की गई थी, लेकिन अचानक हुई तेज बारिश के कारण वहां अव्यवस्था फैल गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि बारिश की स्थिति को देखते हुए विकल्प के रूप में माहेश्वरी भवन में कार्यक्रम कराने की चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन उस समय पास वक्त नहीं था। अंत में, इस विवाह कार्यक्रम को पुराने विश्राम गृह के सभागार में संपन्न कराया गया। इस मामले में कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
दरअसल बेमेतरा में रविवार को एक अनोखी और पारंपरिक शादी चर्चा का केंद्र बन गई। विधायक दीपेश साहू की बारात आधुनिक तामझाम से दूर बैलगाड़ी में निकाली गई, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बाजे-गाजे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकली इस भव्य बारात में हजारों की संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय, विस अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव समेत सभी कैबिनेट मंत्री शामिल हुए थे।
जैसे ही विवाह शुरू देखते ही देखते तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। दूल्हा और दुल्हन सहित बाराती और घराती सभी बारिश से बचने की कोशिश में जुटे नजर आए। जिसे जो भी बारिश से बचने के लिए मिला उसे सिर के ऊपर रख लिया। वही, इस अव्यवस्था को लेकर विस अध्यक्ष डॉ रमन सिंह कलेक्टर-एसपी पर भड़क गए।
उन्होंने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने ऐसी व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल शामिल होने वाला था, तब भी आयोजन स्थल समय पर तय क्यों नहीं किया गया। रमन सिंह ने कहा कि कार्यक्रम मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप नहीं था और व्यवस्थाओं में गंभीर कमी दिखाई दी।