नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और डिजिटल गिरफ्तारी तथा निवेश धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 80 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी शामिल है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पहले मामले में, फरवरी में 47.74 लाख रुपये की धोखाधड़ी की सूचना मिली, जिसमें ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में पेश किया। आरोपियों ने पीड़ित को डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी दी और उसे पैसे अंतरित करने के लिए मजबूर किया।
जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित एक बैंक खाते में 18.74 लाख रुपये का पता लगाया। तकनीकी निगरानी और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के आधार पर गौतम सिंह (25) को आठ अप्रैल को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि उसने सह-आरोपी फरहान को 15,000 रुपये के बदले अपना बैंक खाता और सिम कार्ड मुहैया कराया था।
इसने कहा कि फरहान (30) को बाद में नोएडा से गिरफ्तार किया गया, जिसने धोखाधड़ी से प्राप्त धन को अंतरित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी खातों की व्यवस्था की थी। लेन-देन को गुप्त रूप से, अपंजीकृत मोबाइल नंबरों का उपयोग करके अंजाम दिया गया, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।
वहीं, एक अलग मामले में, अपराध शाखा ने उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी अंकुश को 35 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी ने एक फर्जी फर्म और बैंक खाता खोला, जिसका इस्तेमाल फर्जी व्यापार योजनाओं के माध्यम से पीड़ितों को लुभाकर उनसे एकत्र किए गए पैसे को अंतरित करने के लिए किया गया।’’
अधिकारी ने बताया कि यह खाता कई साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा पाया गया है, जो एक व्यापक अंतरराज्यीय गिरोह का संकेत देता है। आरोपी से दो मोबाइल फोन और बैंक खाता किट बरामद की गईं।
पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में जांच जारी है।
भाषा तान्या नेत्रपाल
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