सीबीएसई ओएसएम विवाद : राहुल बोले-छात्रों को उनके सवालों के बदले अपमान का सामना करना पड़ा

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सीबीएसई ओएसएम विवाद : राहुल बोले-छात्रों को उनके सवालों के बदले अपमान का सामना करना पड़ा

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  • Publish Date - May 31, 2026 / 03:41 PM IST,
    Updated On - May 31, 2026 / 03:41 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई ओएसएम विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर रविवार को निशाना साधा और छात्रों के साथ अपने संवाद का एक वीडियो साझा करते हुए उन्हें बहादुर युवा भारतीय बताया, जिन्होंने मोदी सरकार से सरल सवाल पूछे, लेकिन उन्हें बदले में “जवाब के बजाय अपमान” मिला।

राहुल ने कहा कि छात्र उज्ज्वल भविष्य के हकदार हैं और “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें वह हासिल हो।”

उन्होंने संबंधित वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए इसे ‘साथी राष्ट्र-विरोधी सोरोस एजेंट’ के साथ तथ्यों को सामने लाने वाली बातचीत करार दिया।

राहुल ने लिखा, “वेदांत और उसके दोस्त प्रतिभाशाली, बहादुर युवा भारतीय हैं, जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से सरल सवाल पूछे – लेकिन उन्हें जवाब के बजाय अपमान मिला।”

उन्होंने कहा, “ये लोग उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें यह मिले।”

वीडियो में राहुल छात्रों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उनकी परेशानियों के बारे में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। इसमें वह मजाकिया लहजे में यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि कैसे जायज चिंताओं और मुद्दों को उठाने के बाद छात्रों पर “पाकिस्तानी” और “डीप स्टेट एजेंट” होने का ठप्पा लगा दिया गया।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली पर हुए विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए राहुल ने कहा, “आप छात्र हैं। आप अपनी उत्तर पुस्तिकाएं मांग रहे हैं, बस इतना ही। अब अचानक आप राष्ट्र-विरोधी बन गए हैं। समस्या का समाधान करने के लिए आपको समस्या को स्वीकार करना होगा। आप समस्या को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं और बेचारे बच्चों को दोषी ठहरा रहे हैं। आप कह रहे हैं कि ये बच्चे ‘डीप स्टेट एजेंट’ हैं, जासूस हैं, आतंकवादी हैं।”

सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा देने वाले कई छात्रों ने पोर्टल पर अपलोड की गई अपनी कॉपी की स्कैन प्रति देखने के बाद गड़बड़ी का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ये प्रतियां उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की नहीं हैं।

कक्षा 12 के छात्र वेदांत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत सीबीएसई की ओर से अपलोड की गई भौतिकी की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं थी। इसके बाद कई अन्य छात्रों ने भी इसी तरह के दावे वाले सोशल मीडिया पोस्ट किए।

बाद में सीबीएसई ने इन छात्रों से संपर्क किया और उन्हें उनकी सही उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराईं। बोर्ड ने कहा कि उसने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में छात्रों के सामने पेश आ रही समस्याओं से संबंधित मामलों को “प्राथमिकता” से सुलझाया है।

वेदांत छात्रों के उस समूह में शामिल हैं, जिसके साथ राहुल ने संवाद किया।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास, आईआईटी कानपुर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीआईसीआई) के विशेषज्ञ मिलकर सिस्टम की जांच कर रहे हैं और पोर्टल तथा भुगतान प्रणाली के एकीकरण को मजबूत कर रहे हैं।

राहुल ने सीबीएसई परीक्षा के लिए ओएसएम करने वाली ‘कोएम्प्ट’ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह कंपनी अतीत में ‘ग्लोबरेना’ नाम से जानी जाती थी और पहले से ही विवादों में घिरी हुई है।

कांग्रेस नेता ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच के साथ-साथ “पूरे घोटाले” के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि बोर्ड ने तेलंगाना में संदिग्ध इतिहास वाली कंपनी को ठेका क्यों दिया।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप