पुलिस प्रमुख का लक्ष्य दिल्ली का नशा मुक्त करने पर, झुग्गी बस्तियों पर रखा जाएगा ध्यान

पुलिस प्रमुख का लक्ष्य दिल्ली का नशा मुक्त करने पर, झुग्गी बस्तियों पर रखा जाएगा ध्यान

पुलिस प्रमुख का लक्ष्य दिल्ली का नशा मुक्त करने पर, झुग्गी बस्तियों पर रखा जाएगा ध्यान
Modified Date: February 26, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: February 26, 2026 5:54 pm IST

(सौम्या शुक्ला)

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस प्रमुख सतीश गोलछा ने राष्ट्रीय राजधानी को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके तहत झुग्गी-बस्तियों में मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने पर खास ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिन्हें इन पदार्थों की तस्करी और सेवन के प्रति संवेदनशील माना जाता है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

जनवरी में आयोजित 2026 की पहली अपराध समीक्षा बैठक में, दिल्ली पुलिस आयुक्त गोलछा ने यह स्पष्ट कर दिया था कि मादक पदार्थों के खतरे को खत्म करना इस वर्ष बल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक होगा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गोलछा ने सभी पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली झुग्गी-बस्तियों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति और सेवन को समाप्त करने के उद्देश्य से विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

अधिकारी ने कहा, ‘आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हम नशीले पदार्थों को हमारे युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने नहीं दे सकते। झुग्गी बस्तियां विशेष रूप से संवेदनशील हैं और उनमें लक्षित हस्तक्षेप की आवश्यकता है।’

अधिकारी के अनुसार, पुलिस उपायुक्तों को इन क्षेत्रों में सक्रिय मादक पदार्थों के तस्करों की पहचान करने और उनकी आपराधिक स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहा गया है – चाहे उन्हें गिरफ्तार किया गया हो, वे जमानत पर हों या फरार हों।

इसके मद्देनजर स्वापक ओषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 (पीआईटीएनडीपीएस) के तहत जिलाबदर करने की कार्यवाही और निवारक हिरासत जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा, ‘हमारा जोर केवल छोटे-मोटे तस्करों को गिरफ्तार करने पर नहीं है। हमें निर्देश दिया गया है कि हम स्रोत से लेकर वितरण नेटवर्क तक, आपूर्ति श्रृंखला के हर पहलू पर काम करते हुए उसे ध्वस्त कर दें।’

पुलिस इकाइयों को विशेष मादक पदार्थ विरोधी टीमों के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करने और चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रवर्तन उपायों के अलावा, आयुक्त ने निवारक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर जोर दिया है। जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे झुग्गी बस्तियों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान आयोजित करें ताकि किशोरों और युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके।

अधिकारी ने कहा, “हमारी रणनीति दोतरफा है -तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नशे की रोकथाम के लिए समुदाय के साथ निरंतर संपर्क। हमारा अंतिम लक्ष्य दिल्ली को नशामुक्त बनाना है।”

उन्होंने कहा कि प्रगति की निगरानी और जिला स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

भाषा

नोमान माधव

माधव


लेखक के बारे में