दिल्ली पुलिस के कर्मियों को प्रदर्शनकारियों से उलझने से बचने की सलाह
दिल्ली पुलिस के कर्मियों को प्रदर्शनकारियों से उलझने से बचने की सलाह
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस के कर्मियों को विरोध-प्रदर्शनों के दौरान शांत रहने, किसी भी उकसावे में न आने और विरोध कर रहे लोगों द्वारा वीडियो बनाए जाने के दौरान खुद को ‘‘खलनायक’’ के रूप में चित्रित होने से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा दिल्ली पुलिस को उक्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
ये दिशानिर्देश पिछले महीने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ज्यादतियों के आरोपों की पृष्ठभूमि में आए हैं।
नए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि आपका (पुलिसकर्मी) गुस्सा ही उनकी संतुष्टि है और वे आपको खलनायक के रूप में पेश करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन के दौरान पुलिसकर्मियों का पेशेवर रवैया बनाए रखने और संयम बरतना सुनिश्चित करना है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने कॉजपा के विरोध-प्रदर्शन के दौरान भी सभी अधिकारियों को यही निर्देश दिए थे कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई प्रतिक्रिया न दें और केवल अपना काम करें।’’
इन निर्देशों में कर्मियों को विशेष रूप से उपहास, मजाक, गीतों, नृत्य, तख्तियों, फर्जी सलामी या आपसे किसी तरह की प्रतिक्रिया चाहने के लिए उद्देश्य से किए जाने वाले अन्य प्रकार के व्यवहार पर जवाब न देने की बात कही गई है।
पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारी महिलाओं से फूल, भोजन या कोई अन्य वस्तु स्वीकार न करने के लिए भी कहा गया है।
इसके साथ ही, इस बात पर जोर दिया गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश सार्वजनिक सुरक्षा की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे बीमार पड़ने वाले या घायल होने वाले प्रदर्शनकारियों की मदद करें और एम्बुलेंस, स्कूली बच्चों तथा बुजुर्गों की बेरोकटोक आवाजाही सुनिश्चित करें।
दिशा-निर्देशों में जिला, रेलवे और मेट्रो इकाइयों के कर्मियों को भी सार्वजनिक स्थानों पर अपने आचरण के प्रति विशेष रूप से सचेत रहने की सलाह दी गई है।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
नेत्रपाल

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