दिल्ली पुलिस ने समयपुर बादली थाने के कर्मियों पर लगे आरोपों को खारिज किया
दिल्ली पुलिस ने समयपुर बादली थाने के कर्मियों पर लगे आरोपों को खारिज किया
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने समयपुर बादली थाने के कर्मियों के खिलाफ घर में जबरन घुसने और दुर्व्यवहार करने के आरोपों को बुधवार को खारिज कर दिया।
इस तरह के आरोप लगाने वाला एक वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद पुलिस ने यह स्पष्टीकरण दिया।
बुधवार को जारी स्पष्टीकरण में, पुलिस ने कहा कि ये आरोप 10 जून को समयपुर बादली थाने में दर्ज एक मामले की जांच से जुड़े हैं।
पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज मामले में चार लोगों – सचिन, जीतू, भरत और चिंता देवी को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस ने बयान में कहा, ‘उनकी अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी, जिसके बाद जीतू को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी आरोपियों को पकड़ा जाना बाकी है। आरोप लगाने वाली महिला फरार आरोपी सचिन और भरत की बहन है।’
इसमें कहा गया कि सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी अपने घर में मौजूद हैं जिस पर पुलिस की एक टीम उन्हें पकड़ने के लिए वहां गयी लेकिन वे वहां नहीं मिले।
इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत एक नोटिस घर पर चिपका दिया गया था।
पुलिस ने कहा कि कोई भी कर्मी घर में नहीं घुसा और पूछताछ के दौरान उपलब्ध सामग्री से जबरन प्रवेश, बदसलूकी, धमकी और दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित नहीं हुए।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश

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