दिल्ली पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर समाचार एजेंसी ‘यूएनआई’ का कार्यालय सील किया
दिल्ली पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर समाचार एजेंसी ‘यूएनआई’ का कार्यालय सील किया
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यहां समाचार एजेंसी ‘यूएनआई’ के कार्यालय को उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए सील कर दिया।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) ने इस कार्रवाई को ‘‘अभूतपूर्व क्रूरता और मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला’’ करार दिया।
समाचार एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी महिला कर्मचारियों के साथ पुलिस दल ने धक्का-मुक्की की।
हालांकि, पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) सचिन शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया और कोई भी गलत काम नहीं हुआ, क्योंकि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूमि आवंटन रद्द किये जाने के फैसले को यूएनआई द्वारा चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इस आदेश के बाद दिल्ली पुलिस पर्याप्त बल के साथ 9-रफी मार्ग स्थित परिसर को सील करने पहुंची।
यह मामला केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) द्वारा जारी एक आदेश से संबंधित था, जिसमें समाचार एजेंसी को परिसर खाली करने के लिए कहा गया था।
यह मामला समाचार एजेंसी को आवंटित भूमि के रद्द होने से जुड़ा है।
उच्च न्यायालय ने समाचार एजेंसी की याचिका खारिज करते हुए आवंटन रद्द करने के आदेश को बरकरार रखा।
एनसीएलटी प्रक्रिया के बाद यूएनआई पर मालिकाना हक हासिल करने वाले मीडिया समूह ‘द स्टेट्समैन’ ने पुलिस कार्रवाई को “भारत में मीडिया की स्वतंत्रता पर अभूतपूर्व क्रूरता और हमला” करार दिया।
मीडिया समूह ‘द स्टेट्समैन’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देश की सबसे पुरानी समाचार एजेंसी, यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के रफी मार्ग कार्यालय पर पुलिसकर्मियों ने ऐसा हमला किया, जो किसी भी आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन को भी शर्मिंदा कर दे। एजेंसी इस कार्रवाई को भारत में मीडिया की स्वतंत्रता पर अभूतपूर्व क्रूरता और हमले के रूप में देखती है।’’
इसने कहा, ‘‘कर्मचारियों को अपना सामान इकट्ठा करने या प्रबंधन से बात करने का समय तक नहीं दिया गया। प्रबंधन को गेट के बाहर छोड़ रखा गया है और कर्मचारियों को अंदर पीटा जा रहा है।’’
यूएनआई ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘देश की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित समाचार एजेंसियों में से एक, यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के कार्यालय को सील किए जाने से प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।’’
यूएनआई द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में, एक महिला पुलिसकर्मी को एक महिला पत्रकार के साथ झड़प के दौरान कथित तौर पर हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो फुटेज में पत्रकार का संतुलन बिगड़ता है, जिसके बाद वह जमीन पर गिर जाती है।
वीडियो फुटेज के अनुसार, पृष्ठभूमि में एक व्यक्ति को आपत्ति जताते हुए सुना जा सकता है, ‘‘ये क्या कर रही हो मैडम, हाथ-पैर टूट जाएगा और ये क्या तरीका है।’’
एजेंसी ने आरोप लगाया गया कि कर्मचारियों को जबरन बाहर निकाला गया, कई लोगों को अपना सामान लेने की अनुमति नहीं दी गई, और महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस की टीम द्वारा बदसलूकी की गई।
यूएनआई के अनुसार, ‘‘दिल्ली पुलिस के कुछ जवान ड्यूटी के दौरान नशे में थे। दो वकीलों और दिल्ली पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर कई लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया।’’
समाचार एजेंसी के कार्यालय में चस्पा किये गए नोटिस में यह लिखा है, ‘‘दिल्ली उच्च न्यायालय के शुक्रवार के फैसले के अनुसार, भारत सरकार ने 9-रफी मार्ग, नयी दिल्ली स्थित परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है। भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) की अनुमति के बिना किसी भी व्यक्ति द्वारा उक्त परिसर में प्रवेश, कब्जा या उपयोग करना सख्त वर्जित है और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’
भाकपा सांसद पी. संदोष कुमार ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी यूएनआई के कार्यालय को सील किए जाने की निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
यहां जारी एक बयान में कुमार ने कहा, ‘‘देश की सबसे पुरानी समाचार एजेंसी यूएनआई के रफी मार्ग स्थित कार्यालय पर दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन कब्जा करना प्रेस की स्वतंत्रता पर एक बड़ा हमला है।’’
भाषा देवेंद्र सुरभि
सुरभि

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