दिल्ली एसआईआर: नोटिस जारी किए गए मतदाताओं के घरों से दस्तावेज एकत्र करेंगे बीएलओ

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दिल्ली एसआईआर: नोटिस जारी किए गए मतदाताओं के घरों से दस्तावेज एकत्र करेंगे बीएलओ

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 07:13 PM IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन मतदाताओं को “विसंगतियों” के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, उनके घरों से दस्तावेज बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) एकत्र करेंगे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया को आसान बनाना और उनकी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) तथा सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के कार्यालयों में जाने की जरूरत कम करना है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया, “बीएलओ ऐसे लोगों के घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और इसके बाद उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे, ताकि ईआरओ इस पर निर्णय ले सकें। ऐसे लोगों को ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा।”

बयान में बताया गया कि निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ही होगी, जिसका फैसला ईआरओ करेंगे।

सुनवाई को यथासंभव ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा।

बयान में बताया गया कि जरूरत पड़ने पर मतदाता के परिवार का कोई वयस्क सदस्य उसकी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिले हैं, वे बीएलओ के उनके घर आने के दौरान उन्हें संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दें।

उन्हें सुनवाई के लिए ईआरओ या एईआरओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है।

निर्वाचन आयोग ने 25 सितंबर को दिल्ली में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि एक महीने बढ़ाकर 30 अक्टूबर तक कर दी थी।

अब अंतिम मतदाता सूची चार दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

नोटिसों के निपटारे और दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा भी एक महीने बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश