दिल्ली एसआईआर: आरबीआई के पूर्व गवर्नर बिमल जालान, पूर्व वायुसेना प्रमुख ब्राउन समेत कई को नोटिस
दिल्ली एसआईआर: आरबीआई के पूर्व गवर्नर बिमल जालान, पूर्व वायुसेना प्रमुख ब्राउन समेत कई को नोटिस
नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दिए गए विवरण में ‘‘विसंगतियां’’ मिलने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर बिमल जालान और पूर्व वायुसेना प्रमुख एन. ए. के. ब्राउन समेत कई प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
ये नोटिस मसौदा मतदाता सूची में शामिल 97 लाख से अधिक मतदाताओं को लेकर एसआईआर का हिस्सा हैं। अधिकारियों के अनुसार, गणना प्रपत्र में विसंगतियां मिलने पर 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जिनके विवरण का 2002 में पिछली एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तैयार मतदाता सूची से मिलान नहीं हो सका।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से अपलोड की गई मतदाता सूची के अनुसार, जुलाई 2011 से दिसंबर 2013 तक वायुसेना प्रमुख रहे ब्राउन को ‘‘पिछले एसआईआर से मिलान नहीं होने’’ के कारण नोटिस जारी किया गया है।
सूची के अनुसार, आरबीआई के 20वें गवर्नर रहे जालान को भी ‘‘पिछले एसआईआर से मिलान नहीं होने’’ वाली श्रेणी के तहत नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस जारी किए गए मतदाताओं की सूची दिल्ली सीईओ की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। इसमें राजनीति, न्यायपालिका, नौकरशाही, शिक्षा जगत और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई प्रमुख लोगों के नाम शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि सूची में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, पूर्व आईआरएस अधिकारी उदित राज और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद चंद्र मोदी के नाम भी शामिल हैं।
सूची के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रतीक जालान और पूर्व प्रधान न्यायाधीशों बी. आर. गवई तथा डी. वाई. चंद्रचूड़ की पत्नियों को भी मतदाता विवरण में विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि नोटिस पाने वाली अन्य प्रमुख हस्तियों में वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह, इतिहासकार रोमिला थापर, दिल्ली के आर्कबिशप अनिल कूटो और माकपा नेता एनी राजा भी शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि नोटिस पाने वाले कई प्रमुख मतदाता नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत हैं।
सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का यह मतलब नहीं है कि मतदाता सूची से किसी मतदाता का नाम हटा दिया जाएगा।
संबंधित मतदाताओं को जवाब देने और सत्यापन के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी अंतिम मतदाता सूची में प्रविष्टियों को शामिल करने के संबंध में फैसला लेने से पहले तथ्यों और जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश

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