दिल्ली एसआईआर: ‘ध्वस्त की गई कॉलोनियों’ के लोग नाम शामिल करवाने के लिए फॉर्म आठ भर सकते हैं

दिल्ली एसआईआर: ‘ध्वस्त की गई कॉलोनियों’ के लोग नाम शामिल करवाने के लिए फॉर्म आठ भर सकते हैं

दिल्ली एसआईआर: ‘ध्वस्त की गई कॉलोनियों’ के लोग नाम शामिल करवाने के लिए फॉर्म आठ भर सकते हैं
Modified Date: September 8, 2026 / 08:05 pm IST
Published Date: September 8, 2026 8:05 pm IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने कहा कि ‘‘तोड़ी गई कॉलोनियों’’ के मतदाता चार नवंबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए फॉर्म आठ भरकर जानकारी दे सकते हैं।

मंगलवार को ‘वोटर अधिकार मंच’ के एक ज्ञापन के जवाब में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि निर्वाचन आयोग के मौजूदा निर्देशों के अनुसार मतदाता सूची में दर्ज पते पर रहने वाले मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटे जाने चाहिए।

अधिकारियों ने बताया कि हाल के महीनों में नगर निकाय द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियानों और अदालत के निर्देशों पर की गई अन्य कार्रवाइयों के दौरान कई मकानों को ध्वस्त कर दिया गया था।

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19 के अनुसार, मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने की जरूरी शर्तों में से एक शर्त यह है कि व्यक्ति उस चुनाव क्षेत्र का ‘सामान्य निवासी’ हो।

सीईओ कार्यालय ने कहा, ‘‘यदि कोई व्यक्ति किसी भी कारण से उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी नहीं रह गया है, तो वह पता बदलने के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। फॉर्म-8 मिलने पर, वोटर का नाम नई जगह पर जुड़ने के बाद ही पुरानी जगह के पते वाली मतदाता सूची से हटाया जाता है।’’

दिल्ली में 30 जून से 17 अगस्त तक घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण के दौरान 1.45 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटे गए थे।

जिन मतदाताओं से बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सर्वेक्षण के अभियान के दौरान भरे हुए प्रपत्र प्राप्त नहीं कर सके, उन्हें बीएलओ ने अनुपस्थित/मतदाता का पता नहीं चला, पंजीकृत पते से किसी अन्य स्थान पर चले गए, मृत, पहले से कहीं और मतदाता के रूप में पंजीकृत अथवा एएसडीडी यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत/डुप्लीकेट मतदाता के रूप में चिह्नित किया था।

राजधानी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 18 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में ऐसे करीब 47.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने कहा कि गणना चरण के दौरान बीएलओ ने एएसडीडी मतदाताओं की सूची संबंधित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) के साथ विधिवत साझा की थी।

भाषा सुरभि दिलीप

दिलीप


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