दिल्ली वाले चिड़ियाघर में 500 रुपये में एक दिन के लिए जानवर को ले सकते हैं गोद

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दिल्ली वाले चिड़ियाघर में 500 रुपये में एक दिन के लिए जानवर को ले सकते हैं गोद

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 05:31 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 05:31 PM IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दिल्ली के लोग अगले महीने से राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में किसी जानवर को एक दिन के लिए गोद लेकर अपना जन्मदिन, शादी की सालगिरह या अन्य खास मौके मना सकेंगे। पशु को गोद लेने की संशोधित योजना के तहत छोटे जानवरों के लिए शुल्क 500 रुपये से शुरू होगा, जबकि बाघ को एक दिन के लिए गोद लेने के लिए 50,000 रुपये देने होंगे।

इस योजना के तहत, पशु को गोद लेने वालों को चिड़ियाघर द्वारा निर्धारित लागत वहन करनी होगी, जिसका उपयोग जानवर के भोजन और दैनिक देखभाल के लिए किया जाएगा। चुने गए पैकेज के आधार पर, व्यक्ति को स्मृति चिन्ह के रूप में प्रमाण पत्र और तस्वीरें भी मिलेंगी।

चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने कहा कि जानवरों को अल्पकालिक रूप से गोद लेने की व्यवस्था शुरू करने के प्रस्ताव को इस महीने के अंत तक मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद यह पहल मार्च से शुरू की जाएगी।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक दिन के लिए गोद लेने की लागत प्रत्येक जानवर की वार्षिक गोद लेने की दर के आधार पर तय की गई है।

कुमार ने कहा, ‘यदि किसी जानवर को गोद लेने की वार्षिक लागत 50,000 रुपये है, तो उसे एक दिन के लिए गोद लेने का शुल्क लगभग 500 रुपये होगा।’

संशोधित दरों के अनुसार, चित्तिदार हिरण को गोद लेने की वार्षिक लागत 18,000 रुपये है, और उसे एक दिन के लिए 500 रुपये में गोद लिया जा सकता है। इसी प्रकार, स्‍लॉथ बियर को गोद लेने की वार्षिक दर 45,000 रुपये है और उसे भी एक दिन के लिए 500 रुपये में गोद लिया जा सकेगा।

कुमार ने बताया कि बाघ को गोद लेने की वार्षिक लागत छह लाख रुपये है, जो एक दिन के लिए लगभग 50,000 रुपये होती है।

उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर इस योजना को अधिक सुलभ बनाने के लिए अल्पकालिक और ऑनलाइन गोद लेने के विकल्प पेश कर रहा है, जो पहले पूरी तरह से ऑफलाइन थे, खासकर उन व्यक्तियों के लिए जो पूरे वर्ष के लिए किसी जानवर को गोद नहीं ले सकते हैं।

अधिकारी ने कहा कि इस पहल से पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

साल 2022 में शुरू किए गए पशु को गोद लेने के कार्यक्रम का उद्देश्य पशु संरक्षण को बढ़ावा देना और लोगों का वन्यजीवों के साथ जुड़ाव मजबूत करना है। फिलहाल, चिड़ियाघर एक या दो साल के लिए जानवरों को गोद लेने की अनुमति देता है, जिनमें से अधिकांश कॉर्पोरेट संस्थाएं होती हैं।

कुमार ने कहा, ‘इस वर्ष भागीदारी में गिरावट देखी गई है, अब तक केवल चार कंपनियां ही आगे आई हैं। इसीलिए हम अधिक व्यक्तियों को आकर्षित करने के लिए प्रक्रिया को अधिक सुलभ बना रहे हैं।’

भाषा

नोमान माधव

माधव