नागपुर, 16 फरवरी (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कर्नाटक के कांग्रेस मंत्री प्रियंक खरगे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर धन शोधन में लिप्त होने का आरोप लगाने की कड़ी आलोचना की और दावा किया कि ऐसे बयान देशभक्त संगठनों का अपमान करने तथा देशभक्तों को बदनाम करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
खरगे ने रविवार को बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में आरएसएस के ‘‘2,500 से अधिक संगठनों के नेटवर्क’’ का हवाला दिया, जो अमेरिका और इंग्लैंड से हैं, और आरोप लगाया कि ‘‘ये लोग धन शोधन में लिप्त हैं।’’
विहिप के राष्ट्रीय संगठनात्मक सचिव मिलिंद परांडे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के बयान देने वालों की समाज में स्वीकार्यता कम हो जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (ऐसी टिप्पणियों के जरिए) अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने और तुष्टीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन दोनों ही प्रयास कामयाब नहीं होंगे। भारत में कई ताकतें और लोग हैं जिन्हें हिंदुत्व के जागृत होने से आपत्ति है। वे इस तरह की बेतुकी बातें कर रहे हैं। ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना और देशभक्त संगठनों का अपमान करना उनके बौद्धिक दिवालियापन को दर्शाता है।’’
परांडे ने कहा, ‘‘इससे समाज में उनकी स्वीकार्यता कम हो जाएगी। उन्होंने (खरगे ने) जो कहा वह सरासर झूठ है और वह खुद भी यह जानते हैं। लेकिन वह देशभक्तों को बदनाम करने की रणनीति के तहत ऐसा करते हैं। कर्नाटक की जनता को सोचना चाहिए कि क्या ऐसे लोगों को सत्ता में वापस लाया जाना चाहिए। इसलिए विश्व हिंदू परिषद हमेशा इस बात पर जोर देती है कि केंद्र और राज्यों में सत्ता में वही लोग होने चाहिए जो हिंदुओं के हितों में विश्वास रखते हों।’’
बांग्लादेश में बीएनपी की चुनावी जीत और क्या इससे वहां हिंदुओं की स्थिति में सुधार होगा, इस बारे में पूछे जाने पर परांडे ने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि सत्ता में कोई भी हो, हिंदू समुदाय की सुरक्षा की जाएगी। उन्होंने अगस्त 2024 में हुए विद्रोह के बाद शेख हसीना सरकार गिरने के बाद से हिंदू समुदाय पर हुए हमलों के संदर्भ में कहा कि अब तक वहां के लोग हिंदुओं की रक्षा करने में असमर्थ रहे हैं।
परांडे ने दावा किया कि अधिकांश हिंसा राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित है और कहा, ‘‘बांग्लादेश में हिंदू समुदाय बहुत ही खतरनाक स्थिति में है।’’
उन्होंने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच हुए विवाद पर टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का नाम लिए बिना विहिप नेता ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि राज्य का कोई व्यक्ति छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में ऐसी टिप्पणी कर सकता है। कांग्रेस नेता ने 18वें मैसूर शासक टीपू सुल्तान की तुलना मराठा साम्राज्य के संस्थापक से करके विवाद खड़ा कर दिया है।
रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर सिल्लोड में मुस्लिम शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार के दौरे के बाद छत्रपति संभाजीनगर के एक मंदिर को शुद्ध करने के लिए कुछ लोगों द्वारा गौमूत्र छिड़कने के मामले पर परांडे ने कहा कि पूजा स्थलों पर केवल आस्था रखने वालों को ही जाना चाहिए।
भाषा गोला माधव
माधव