(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) दिल्ली के चिड़ियाघर को 400 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना के तहत आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में प्रवेश द्वारों के कायाकल्प से लेकर यातायात की आवाजाही में सुधार, पशु बाडों का पुनर्निर्माण और पशु चिकित्सा देखभाल सुविधाओं में विस्तार तक शामिल है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही व्यापक आधुनिकीकरण योजना पर काम फरवरी में शुरू कर दिया जाएगा।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,“ केंद्र ने 400 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और निवेश बोर्ड ने प्रस्तावित परिवर्तनों पर काफी हद तक सहमति जता दी है, जिससे औपचारिक मंजूरी का रास्ता साफ हो गया है।”
उन्होंने कहा कि पुनर्विकास प्रस्ताव को हाल में ‘डेलेगेटिड इनवेस्टमेंट बोर्ड’ के समक्ष रखा गया था और परियोजना के लिए धन इसी तंत्र के माध्यम से मिलेगा। बोर्ड एक सरकारी निकाय है जो प्रमुख सार्वजनिक अवसंरचना निवेशों को मंजूरी देता है।
अधिकारी ने कहा, ‘रिलायंस का ‘ग्रीन्स जुलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर’ एक महत्वपूर्ण सलाहकार भूमिका निभाएगा, और इसकी कई सिफारिशों को परियोजना की रूपरेखा में शामिल किया गया है।’
कायाकल्प योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर के मुख्य द्वार के पूर्ण नवीनीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें नए ‘पिकअप और ड्रॉप-ऑफ जोन’, एक आगंतुक केंद्र और उन्नत प्रवेश सुविधाएं शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि यातायात की भीड़भाड़ की समस्या से निपटने के लिए मथुरा रोड पर मौजूदा फुट ओवरब्रिज को चिड़ियाघर के प्रवेश द्वार तक बढ़ाया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा और साथ ही क्षेत्र में यातायात की आवाजाही भी सुगम होगी।
अधिकारी के अनुसार, व्यस्त समय में आगंतुकों की भीड़ को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए लगभग 800 कारों, 50 बड़ी बसों और लगभग 1,000 दोपहिया वाहनों की क्षमता वाला एक नया पार्किंग परिसर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुराने टिकट काउंटरों को आधुनिक प्रणालियों में बदला जाएगा, जबकि भीड़भाड़ वाले ‘फूड कोर्ट’ का विस्तार किया जाएगा ताकि बेहतर सेवाएं और सहूलियतें प्रदान की जा सकें।
अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर के वाहनों द्वारा आगंतुकों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आंतरिक रास्तों को चौड़ा किया जाएगा ताकि सुचारू आवागमन सुनिश्चित हो सके और व्यस्त समय के दौरान भीड़ कम हो सके।
उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त या पुराने हो चुके पशु बाड़ों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
अधिकारी ने कहा कि पशु आश्रयों को आधुनिक मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा और विस्तारित पशु चिकित्सा देखभाल अवसंरचना के हिस्से के रूप में एक नया सरीसृप गृह बनाया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर के वन्यजीव अस्पताल का आधुनिकीकरण किया जाएगा और इसे वर्तमान आकार से दो. तीन गुना बड़ा किया जाएगा जिसमें विशेष उपचार के लिए कई नए वार्ड बनाए जाएंगे।
भाषा नोमान नरेश
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