UGC New Rules Dispute | Photo Credit: IBC24
भोपाल: UGC New Rules Dispute देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में UGC Rules 2026 को 15 जनवरी से लागू कर दिया गया है। नए नियम लागू होते ही इसे लेकर देशभर में विवाद और विरोध शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में भी UGC के नए नियमों का विरोध शुरू हो गया है।
UGC New Rules Dispute इसी बीच सपाक्स पार्टी ने आज सांकेतिक प्रदर्शन कर यूजीसी के नए कानून का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की है। सपाक्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सुभाष स्कूल चौराहे पर हाथों में बैनर लेकर नए कानून का विरोध किया, सपाक्स पार्टी ने भेदभाव करने वाला कानून बताते हुए कहा कि यूजीसी के कानून के कारण सवर्ण वर्ग छात्रों पर शोषण बढ़ेगा। केंद्र सरकार इस कानून को तत्काल वापस ले, इससे एक वर्ग के छात्रों को कष्ट होगा, यह कानून लाना सामान्य वर्ग के लिए न्याय नहीं हैं
इसके अलावा जबलपुर में भी इसी कड़ी में MP स्टूडेंट यूनियन ने मंगलवार को ITI माढ़ोताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और UGC के नए नियमों को वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना है कि ये नियम उनके भविष्य को प्रभावित करेंगे, इसलिए सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में भी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC के प्रस्तावित नए रेग्युलेशन का जोरदार विरोध शुरू हो गया है। इसी कड़ी में आज सवर्ण समाज के लोगों ने ग्वालियर उच्च शिक्षा के ज्वाइंट डायरेक्टर के ऑफिस का घेराव किया हैं। साथ ही, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है।
प्रदर्शनकारियो का कहना है कि यूजीसी के नए रेग्युलेशन एकतरफा हैं। ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया और शिक्षक-छात्र संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन नियमों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था में भ्रम और अस्थिरता पैदा होगी।
ये रेग्युलेशन संविधान में निहित समानता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत हैं। उन्होंने सरकार से इन्हें तत्काल वापस लेकर पुनर्विचार करने की अपील की। साथ ही कहा है। ऐसे नियमों के लागू होने से उच्च शिक्षण संस्थानों में भय और अविश्वास का माहौल बनेगा।