रास में उठी विभिन्न समस्याओं के हल के लिए प्रौद्योगिकी का सक्रियता से इस्तेमाल की मांग

रास में उठी विभिन्न समस्याओं के हल के लिए प्रौद्योगिकी का सक्रियता से इस्तेमाल की मांग

रास में उठी विभिन्न समस्याओं के हल के लिए प्रौद्योगिकी का सक्रियता से इस्तेमाल की मांग
Modified Date: March 27, 2026 / 02:48 pm IST
Published Date: March 27, 2026 2:48 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) चुराए गए वाहनों का विभिन्न अपराधों में इस्तेमाल करने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए शुक्रवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रौद्योगिकी का सक्रियता से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए मित्तल ने कहा कि 2001 में संसद पर हमले में और पिछले दिनों लाल किले के पास हुए हमले में चोरी की कारों का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि देश भर में और दिल्ली में भी चोरी की गाड़ियों का अपराधों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा ‘‘दिल्ली सरकार कहती है कि लाखों सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लेकिन हकीकत है कि हजारों कैमरे खराब पड़े हैं और हजारों गायब हो गए।’’

मित्तल ने कहा कि हर साल करीब पांच लाख सड़क हादसे होते हैं और लगभग दो लाख से अधिक लोग मारे जाते हैं। उनके अनुसार, हादसों के कारणों में लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना, वाहन चलाते समय फोन पर बात करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना आदि शामिल हैं। ‘‘इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रौद्योगिकी का सक्रियता से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।’’

मित्तल ने मांग की कि 50 सीसी से अधिक क्षमता वाले हर वाहन में जीपीएस अनिवार्य हो, उसे निर्माण के समय ही वाहन में लगा देना चाहिए और यह जीपीएस ‘‘टैम्पर प्रूफ’’ होना चाहिए।

साथ ही उन्होंने मांग की कि हर वाहन में एक ‘‘डैश कैम’’ हो जो गाड़ी के अंदर और बाहर का वीडियो बनाए और पंद्रह दिन का रिकार्ड रखे। ‘‘इससे रोड रेज और लापरवाही पर अंकुश लगेगा। जब गाड़ी गवाह बन जाएगी तो सच्चाई छिप नहीं पाएगी।’’

मित्तल ने कहा ‘‘इसके अलावा गांवों और शहरों में एक इंटीग्रेटेड सर्विलांस ग्रिड बनाएं और राजमार्ग तथा सड़कों पर हर तीन सौ से चार सौ मीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसे लगाने और प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की होनी चाहिए।’’

भाजपा के ही संजय सेठ ने देश की बढ़ती आबादी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे अधिक आबादी है जो कई समस्याओं की वजह भी है।

उन्होंने कहा ‘‘भारत में दुनिया की 18 फीसदी आबादी का बोझ है लेकिन जमीन 2.4 फीसदी है। भारत में एक वर्ग किमी में 481 लोग जबकि चीन में 149, कनाडा में केवल चार लोग रहते हैं।’’

सेठ ने कहा कि जनसंख्या विस्फोट के कारण सरकार की बेहतरीन योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। शहर अपनी क्षमता से बाहर जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि छोटा परिवार रखना भी देशभक्ति की निशानी है।

उन्होंने मांग की, ‘‘जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक कठोर कानून बनाएं ताकि परिवार छोटा रहे। छोटे परिवार वालों को कर में छूट दी जाए और अन्य राहत भी उन्हें मिले। आबादी कम रहने पर लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।’’

समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने दावा किया कि देश में भाषण, टीवी कार्यक्रम तथा अन्य माध्यमों से लगातार नफरत फैलाई जा रही है और इसका निशाना अल्पसंख्यक हैं।

शून्यकाल में ही भाजपा के नरहरि अमीन, संगीता बलवंत और आम आदमी पार्टी के विक्रमजीत सिंह साहनी, मनोनीत सदस्य पीटी ऊषा तथा अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै ने भी आसन की अनुमति से अपने-अपने मुद्दे उठाए।

भाषा

मनीषा अविनाश

अविनाश


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