कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन के लिए राष्ट्रीय एसओपी बनाने की मांग

कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन के लिए राष्ट्रीय एसओपी बनाने की मांग

कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन के लिए राष्ट्रीय एसओपी बनाने की मांग
Modified Date: August 4, 2026 / 09:01 pm IST
Published Date: August 4, 2026 9:01 pm IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने वार्षिक कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक स्तर पर एक राष्ट्रीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा।

इस वर्ष कांवड़ यात्रा पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से शुरू हुई है और 11 अगस्त को समाप्त होगी।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। याचिका में भविष्य की कांवड़ यात्राओं के लिए यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन तैयारियों की योजना, निगरानी और समीक्षा के लिए अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाता है, जिसका जवाब 25 अगस्त, 2026 तक दिया जाए।’’

याचिका में केंद्र सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब तथा हिमाचल प्रदेश को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में संबंधित अधिकारियों को प्रभावी यातायात प्रबंधन योजनाएं लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसमें मार्ग योजना, पैदल यात्रियों के प्रबंधन, निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों की व्यवस्था, यातायात मार्ग परिवर्तन और पुलिस, परिवहन तथा राजमार्ग अधिकारियों के बीच समन्वय शामिल है।

याचिका में कहा गया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान एम्बुलेंस, दमकल सेवाओं, पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए परिचालन जरूरतों और जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित मार्ग उपलब्ध रखा जाना चाहिए।

याचिका में मांग की गई है, ‘‘भारत सरकार को संबंधित राज्य सरकारों और सक्षम अधिकारियों के साथ परामर्श कर संविधान तथा मौजूदा वैधानिक ढांचे के अनुरूप कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक स्तर पर एक राष्ट्रीय मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने का निर्देश दिया जाए।’’

याचिका में कहा गया है कि यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, मोटर वाहनों के वैध उपयोग और लागू कानूनी प्रावधानों के पालन को लेकर जन जागरुकता अभियान को मजबूत करने के निर्देश दिए जाएं।

इसके अलावा याचिका में संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर अपनाए गए उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा करने और अदालत के निर्देश के अनुसार सक्षम प्राधिकरण के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश


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