देवभूमि उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की राज्यसभा में उठी मांग
देवभूमि उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की राज्यसभा में उठी मांग
नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा के एक सदस्य ने देवभूमि उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार से मांग की।
भाजपा सदस्य नरेश बंसल ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि ग्रामीण पर्यटन प्रकृति आधारित पर्यटन है जो प्रकृति प्रेमियों के लिए लोकप्रिय गंतव्य स्थान होता है।
उन्होंने उत्तराखंड के पौराणिक और धार्मिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सुंदर क्षेत्र है जो प्राकृतिक सुंदरता के साथ जीवन की हलचल से दूर शांतिपूर्ण विश्राम की तलाश करने वाले पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।
उन्होंने राज्य में संपूर्ण पर्यटन, खासतौर पर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा यमुना घाटों का निर्माण कराए जाने की सरकार से मांग की।
समाजवादी पार्टी (सपा) के जावेद अली खान ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की पात्रता में संशोधन किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कानून 2013 में लागू हुआ था और पात्रता में उस समय से कोई संशोधन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पात्रता में संशोधन नहीं किए जाने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के इस कानून के दायरे से बाहर हो जाने की आशंका पैदा हो गई है।
भाजपा के ही अजीत माधवराव गोपछड़े ने ‘नॉन स्टिक’ और प्लास्टिक के बर्तनों के व्यापक उपयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों से संकेत मिला है कि उच्च तापमान पर ‘नॉन स्टिक’ लेप और निम्न गुणवत्ता वाले प्लास्टिक से हानिकारक रसायन निकलते हैं जो भोजन में मिल सकते हैं तथा शरीर के हार्मोन तंत्र को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह स्थिति शरीर के लिए काफी नुकसानदेह है।
मनोनीत सदस्य सतनाम सिंह संधू ने पंजाब में बागवानी की काफी संभावनाएं होने का जिक्र किया और राज्य में बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने की मांग की।
शून्यकाल में ही भाजपा के भीम सिंह ने कहा कि ऐसा विमर्श बनाने का प्रयास किया गया है कि भारत ‘फेडरल स्ट्रक्चर’ (परिसंघीय ढांचा) वाला देश है। उन्होंने कहा कि भारत या भारत के संविधान को ‘फेडरल स्ट्रक्चर’ बताना संवैधानिक एवं ऐतिहासिक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहना राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए घातक है।
सिंह ने कहा कि संविधान में मजबूत केंद्र की बात की गयी है और भारत सरकार ऐसे कड़े कदम उठाए जिससे इस प्रवृत्ति पर अभिलंब रोक लगे। उन्होंने यह स्पष्ट करने की भी मांग की कि भारत का संविधान संघीय है न कि परिसंघीय।
भाजपा की संगीता यादव ने नवीकरणीय और सौर ऊर्जा से जुड़ा मुद्दा उठाया और उसे व्यापक रूप से सुलभ बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया।
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा

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