अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त करें: अमित शाह

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अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त करें: अमित शाह

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 03:06 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 03:06 PM IST

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को देश की सीमाओं के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त न करने की नीति’ को सख्ती से लागू करने और पिछले कुछ वर्षों में बने ऐसे सभी ढांचों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने जिला मजिस्ट्रेटों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी बैंकों द्वारा बैंकिंग लेनदेन के कानूनी और वित्तीय अनुपालन को सुनिश्चित करने, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करने, उनके वित्तपोषण स्रोतों की जांच करने, फर्जी खातों और फर्जी कंपनियों का पता लगाने, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करने और सीमा पार तस्करी को नियंत्रित करने की बढ़ी हुई जिम्मेदारी सौंपी है।

मंगलवार को बीकानेर में एक सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए शाह ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर राजस्थान के बॉर्डर जिलों में सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों का मूल्यांकन किया।

इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और पांच सीमावर्ती जिलों – बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्री गंगानगर और फलोदी के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सीमावर्ती जिलों को अपराधों और मादक पदार्थों की समस्या के स्रोतों, स्वरूपों और नेटवर्क का गहन अध्ययन करने और स्थायी समाधान विकसित करने का निर्देश दिया गया है ताकि ये समस्याएं दोबारा न उभरें।

शाह ने नागरिकों, सरकारी तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों को शामिल करते हुए प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा कवच तैयार करने पर जोर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री ने अवैध निर्माणों, विशेष रूप से आंतरिक सीमाओं के 0 से 15 किलोमीटर के भीतर, के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति को सख्ती से लागू करने और ऐसी सभी संरचनाओं को ध्वस्त करने का आह्वान किया है।

उन्होंने घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी, अतिक्रमण, आतंकवाद के वित्तपोषण और अन्य सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए बीएसएफ, सीबीडीटी, एनसीबी और राज्य तंत्र को शामिल करते हुए सीमा प्रबंधन के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘अंतिम छोर के शासन को मजबूत करने, आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने, बुनियादी ढांचे की कमियों को पूरा करने और सीमावर्ती आबादी का समर्थन करने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ (वीवीपी)-II के सफल कार्यान्वयन पर जोर दिया गया।’

बैठक में शाह ने सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं की 100 प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया और साइबर अपराधों से निपटने के लिए ‘1930’ कॉल सेंटर के प्रभावी उपयोग का आह्वान किया।

बयान में कहा गया है, “इन मुद्दों पर दो महीने बाद फिर से समीक्षा और प्रतिक्रिया ली जाएगी; इसलिए, जिलों को परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।”

भाषा तान्या नरेश

नरेश