कार्यालय गिराने की कार्रवाई ‘वर्दी में चोरी’, बंगाल पुलिस अब कानून तोड़ने वाली बन गयी: अभिषेक बनर्जी
कार्यालय गिराने की कार्रवाई ‘वर्दी में चोरी’, बंगाल पुलिस अब कानून तोड़ने वाली बन गयी: अभिषेक बनर्जी
कोलकाता, 19 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के अधीन पुलिस ‘‘कानून तोड़ने वाली’’ बन गई है।
उनका यह आरोप दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में भवन निर्माण नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर उनके संसदीय क्षेत्र के कार्यालय के एक हिस्से को जिला प्रशासन द्वारा ढहाए जाने के एक दिन बाद आया है।
भवन के सामने वाले हिस्से को शनिवार को बुलडोजर से ढहा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि इसका निर्माण स्वीकृत भवन योजना के बिना और नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।
हालांकि, बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलीभगत कर यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि तृणमूल इस मामले को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करेगी।
वहीं, राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि कार्रवाई कानून के तहत और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘भवन निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण यह कार्रवाई की गई है और इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी।’’
डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र में अमतला स्थित उनके कार्यालय को ढहा दिया गया, जबकि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय बुलडोजर से की जाने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को असंवैधानिक ठहरा चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘बंगाल में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वीडियो में पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान भाजपा के गुंडों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, दस्तावेज, मेज, कुर्सियां और अन्य सामान से भरे बक्से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘यह ध्वस्तीकरण नहीं था, बल्कि वर्दी पहनकर की गई चोरी थी, जिसे कानून के शासन के प्रति पूरी तरह अवमानना के साथ अंजाम दिया गया। यह सब तब हुआ, जब मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिन पर कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी है, वही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस पर शर्म आती है।’’
इससे एक दिन पहले बनर्जी ने कहा था कि जिस कार्यालय को ढहाया गया, उसका निर्माण खरीदी गई जमीन पर सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद वैध तरीके से किया गया था।
तीन बार के सांसद बनर्जी ने चेतावनी दी थी कि अगर 2031 के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदली तो राज्य में भाजपा के कार्यालयों के साथ भी ऐसा ही हो सकता है।
भाषा गोला रंजन
रंजन

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