कच्चे तेल एवं एलपीजी के आयात पर निर्भरता बढ़ी: कांग्रेस

Ads

कच्चे तेल एवं एलपीजी के आयात पर निर्भरता बढ़ी: कांग्रेस

  •  
  • Publish Date - March 27, 2026 / 09:52 AM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 09:52 AM IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भले ही आत्मनिर्भरता का मंत्र दे रही हो लेकिन पिछले 10 वर्ष में कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 84 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत और एलपीजी के आयात पर निर्भरता 46 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘2014-15 से 2024-25 के बीच भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 84 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा 2014-15 से 2024-25 के बीच भारत की एलपीजी के आयात पर निर्भरता 46 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई।’’

उन्होंने कहा कि यह सब तब हुआ, जब आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया जा रहा था।

रमेश ने कहा, ‘‘प्राकृतिक गैस की कहानी तो और भी धुंधली है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री (मोदी) ने 26 जून, 2005 को यह डींग हांकी थी कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन के गहरे समुद्री क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा गैस भंडार खोजा है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि इससे भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि 2011 से 2016 के बीच कैग (नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) की पांच रिपोर्ट में बाद में सामने आया कि यह 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला था, जिसे बाद में अगस्त 2017 में गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम का तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम में विलय कराकर ढक दिया गया।

कांग्रेस नेता ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब लोगों के घबराहट में खरीदारी करने और पेट्रोल पंप एवं एलपीजी वितरकों के पास लोगों की लंबी कतारें लगने की खबरें आ रही हैं। इन खबरों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार कच्चे तेल, ईंधन और एलपीजी के भंडार का विवरण जारी किया। इसका मकसद लोगों की घबराहट को दूर करना है।

सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था कर ली गई है। सरकार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

भाषा हक सिम्मी

सिम्मी