बेंगलुरु में गौरी-गणेश उत्सव पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
बेंगलुरु में गौरी-गणेश उत्सव पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
बेंगलुरु, 14 सितंबर (भाषा) बेंगलुरु में सोमवार को गौरी-गणेश उत्सव पूरी श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में उमड़ पड़े।
बसावनगुडी के ऐतिहासिक डोड्डा गणपति मंदिर में श्रद्धालु सुबह से ही भगवान गणेश की पूजा करने के लिए आने लगे।
मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक, फूलों की सजावट और अन्य अनुष्ठान किए गए। भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार दिखी।
मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि विशेष अनुष्ठान देर रात लगभग दो बजे शुरू हुए और सुबह छह बजे से आधी रात तक प्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी इंतजाम किए हैं।
इस साल यह त्योहार गौरी उत्सव वाले दिन ही मनाया जा रहा है और लोग अपने अपने घरों और मोहल्लों में गौरी और गणेश की मूर्तियां स्थापित कर रहे हैं।
कई लोगों ने मिट्टी और अन्य प्राकृतिक चीजों से बनी पर्यावरण के अनुकूल गणेश मूर्तियों को चुना ताकि त्योहार को पर्यावरण के अनुकूल रहकर मनाया जा सके।
मिठाई की दुकानों और घरों में भी त्योहार के जश्न के तहत भगवान गणेश का पसंदीदा पारंपरिक पकवान ‘मोदक’ तैयार किया गया।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने त्योहार की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि राज्य में अच्छी बारिश हो और भरपूर फसल हो।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की पूरी जनता को गौरी-गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। कामना है कि विघ्नहर्ता श्री गणेश सभी के जीवन में खुशियां, शांति और समृद्धि लाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि राज्य में अच्छी बारिश हो और भरपूर फसल हो, जिससे हमारे किसानों के चेहरों पर मुस्कान आए।’’
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने भी गौरी-गणेश उत्सव के मौके पर शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘मैं प्रार्थना करता हूं कि विघ्नहर्ता गणपति आपकी सभी कठिनाइयों को दूर करें और आपको खुशी, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद दें।’’
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अनुसार, गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान भगवान गणेश की मूर्तियों के विसर्जन के लिए बेंगलुरु के पांच नगर निगमों में 42 झील परिसरों/अस्थायी विसर्जन टैंकों और 659 मोबाइल टैंकों की व्यवस्था की गई है।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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