पाकिस्तान के साथ संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए, लोगों के बीच आपसी संपर्क महत्वपूर्ण है: होसबाले

पाकिस्तान के साथ संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए, लोगों के बीच आपसी संपर्क महत्वपूर्ण है: होसबाले

पाकिस्तान के साथ संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए, लोगों के बीच आपसी संपर्क महत्वपूर्ण है: होसबाले
Modified Date: May 12, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: May 12, 2026 9:18 pm IST

(विजय जोशी)

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) भारत में पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर विश्वास न के बराबर होने का उल्लेख करते हुए आरएसएस के शीर्ष पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को कहा कि गतिरोध को तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम लोगों के बीच आपसी संपर्क है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह (महासचिव) होसबाले ने ‘पीटीआई-वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘अब इस कोशिश को और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यही एक उम्मीद है, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अंततः नागरिक समाज के रिश्ते ही काम आएंगे। क्योंकि हमारे बीच सांस्कृतिक संबंध हैं और हम कभी एक राष्ट्र रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, इस पर जोर देना होगा।’’

उनसे पूछा गया कि भारत को पाकिस्तान और उसके आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने के रवैये से कैसे निपटना चाहिए।

उन्होंने 26/11, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘देखिए, (कूटनीतिक रूप से) हर संभव प्रयास किया जा चुका है, लेकिन पाकिस्तान लगातार छोटी-छोटी उकसावे वाली हरकतें करता रहता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा करना आवश्यक है और मौजूदा सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए। लेकिन साथ ही हमें अपने दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा उनसे संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि व्यापार और वाणिज्य, वीजा जारी करना बंद नहीं होना चाहिए क्योंकि ‘‘संवाद के लिए हमेशा एक खिड़की (खुली) रहनी चाहिए’’।

होसबाले ने कहा कि इसी वजह से कूटनीतिक संबंधों को बनाए रखा गया है।

उन्होंने कहा कि वहां के शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सामुदायिक नेताओं को आगे आना चाहिए, क्योंकि उनके राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में भारत के प्रति कुछ दूरी और नकारात्मकता विकसित हो गई है।

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश


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