हाल में हुई ब्रिक्स बैठक में मतभेद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण थे: विदेश मंत्रालय

हाल में हुई ब्रिक्स बैठक में मतभेद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण थे: विदेश मंत्रालय

हाल में हुई ब्रिक्स बैठक में मतभेद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण थे: विदेश मंत्रालय
Modified Date: April 28, 2026 / 12:11 am IST
Published Date: April 28, 2026 12:11 am IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) भारत ने हाल ही में यहां ब्रिक्स देशों के उप विदेश मंत्रियों और पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका मामलों के विशेष दूतों (ब्रिक्स एमईएनए) की बैठक की अध्यक्षता की।

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण मतभेदों के चलते इसमें कोई आम सहमति नहीं बन सकी।

पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ जब अमेरिका-इजराइल गठबंधन ने ईरान पर सैन्य हमले किए जिसके बाद तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर यहां आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि फलस्तीन मुद्दे पर भारत का क्या रुख है, क्योंकि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नयी दिल्ली ने पिछले सप्ताह आयोजित ब्रिक्स बैठक के दौरान फलस्तीन पर अपने लंबे समय से चले आ रहे रुख में ‘नरमी’ दिखाई, जिससे संभवतः सहमति नहीं बन पाई।

इस पर जायसवाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ मैं इस मामले में स्पष्ट कर दूं… हमने हाल ही में हुई ब्रिक्स अधिकारियों की बैठक पर कुछ अटकलबाजी और गलत खबरें देखी हैं।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकारों से इस वर्ष की शुरुआत में भारत और अरब लीग के विदेश मंत्रियों की बैठक के अवसर पर जारी संयुक्त बयान का संदर्भ लेने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बैठक दिल्ली में हुई थी। इस निष्कर्ष का समर्थन उपस्थित सभी पक्षों ने किया था, जिसमें फ़लस्तीन भी शामिल था।’’

जायसवाल ने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स के कई सदस्य देशों ने शर्म अल-शेख शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया, गाजा शांति योजना और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का समर्थन किया।

जायसवाल ने कहा कि ‘‘हाल ही में हुई ब्रिक्स बैठक में मतभेद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण थे।’’

जायसवाल ने ब्रीफिंग में कहा कि बैठक के बाद ‘अध्यक्ष का बयान’ जारी किया गया क्योंकि संयुक्त बयान पर सहमति नहीं बन सकी। भारत वर्तमान में ब्रिक्स का अध्यक्ष है।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को कहा था कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच तीखे मतभेदों के कारण पिछले सप्ताह यहां हुई ब्रिक्स एमईएनए बैठक के दौरान इस संघर्ष पर आम सहमति बनाने के भारत के प्रयास विफल रहे। उन्होंने कहा था कि फलस्तीन मुद्दे पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

पश्चिम एशिया संघर्ष पर आम सहमति न बन पाने के कारण अंत में एक बयान जारी किया गया था।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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