शब्दों की गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए: चौधरी

शब्दों की गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए: चौधरी

शब्दों की गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए: चौधरी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:45 pm IST
Published Date: November 25, 2022 9:25 pm IST

जयपुर, 25 नवंबर (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस की शीर्ष संचालन समिति के सदस्य हरीश चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि कोई किसी भी पद पर क्यों न हो उसे शब्दों की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।

चौधरी ने यह टिप्पणी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सचिन पायलट के लिए ‘गद्दार’ जैसे शब्दों का उपयोग करने के बारे में पूछे जाने पर की।

चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा,’‘शब्दों की गरिमा रखनी है। कोई भी किसी भी पद पर क्यों न हो, हम लोग अगर शब्दों की गरिमा नहीं रखेंगे तो राजस्थान क्या होगा? आज दुनिया में हम लोगों की पहचान शब्दों के कारण ही है।’’

गहलोत ने हाल ही में एक साक्षात्कार में पायलट को ‘गद्दार’ करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2020 में पार्टी के खिलाफ बगावत की थी और राज्य सरकार गिराने की कोशिश की थी इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता।

चौधरी ने गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा,’‘मैं माफी चाहता हूं। मेरे पास इतना अनुभव नहीं है। मैं तीन दफे का मुख्यमंत्री नहीं हूं, तीन दफे का कैबिनेट मंत्री नहीं हूं ,तीन दफे का प्रदेश अध्यक्ष नहीं हूं। आकलन करें तो मेरा अनुभव उतना नहीं है इसके बावजूद मैं कह रहा हूं कि हर किसी को शब्दों की गरिमा रखनी चाहिए।’’

बायतू से विधायक चौधरी ने कहा,’‘ गहलोत हम लोगों के यानी 102 विधायकों के संरक्षक हैं। तो संरक्षक को तो कोई सलाह देनी नहीं चाहिए। संरक्षक से सलाह ली जाती है। इसके बावजूद मुझे मेरे परिवार के संरक्षक से निवेदन करना पड़ रहा है कि आप शब्दों का अच्छा उपयोग करो, क्योंकि यह राजस्थान है।’’

चौधरी ने कहा कि उन्होंने कभी भ्रम, भ्रांति, संघर्ष या टकराव में भी कमजोर शब्दों का उपयोग नहीं किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप भी मानते हैं कि पायलट ‘गद्दार’ हैं, तो उन्होंने कहा, ‘’क्षमा करें, मेरी ऐसी शब्दावली नहीं है।’’

भाषा पृथ्वी कुंज

संतोष

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