‘भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का घिनौना चेहरा’: विपक्षी नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की

'भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का घिनौना चेहरा': विपक्षी नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की

‘भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का घिनौना चेहरा’: विपक्षी नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की
Modified Date: May 31, 2026 / 12:00 am IST
Published Date: May 31, 2026 12:00 am IST

कोलकाता, 30 मई (भाषा) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत देशभर के कई विपक्षी नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की निंदा की और इसे “भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का घिनौना चेहरा” बताया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हमला निंदनीय है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “किसी सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि उसे चुनने वाले लोगों और हमारी लोकतांत्रिक विरासत पर भी हमला है। यह भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का घिनौना चेहरा है। राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा को उचित नहीं ठहरा सकते।”

तृणमूल ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति के शोक संतप्त परिवार से मिलने जाने के लिए अभिषेक बनर्जी की सराहना की और भाजपा पर डर तथा धमकी का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, “जहां-जहां भाजपा सत्ता में आती है, वहां डर और हिंसा हावी हो जाते हैं। भाजपा मजबूत विपक्ष को बर्दाश्त नहीं कर सकती। पश्चिम बंगाल भाजपा की नफरत की राजनीति का शिकार हो गया है।”

वहीं, कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि हालांकि नागरिकों को विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनों को भीड़ हिंसा में तब्दील होने देना खतरनाक मिसाल कायम करेगा।

डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी कोलकाता के बाहरी इलाके सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा में कथित तौर पर मारे गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने गए थे। इस दौरान उन पर पत्थर और अंडे फेंके गए तथा अभद्र टिप्पणियां की गईं।

पुलिस के अनुसार, बनर्जी क्रिकेट हेलमेट पहनकर अपने सहयोगियों और कुछ पत्रकारों की मदद से भीड़ से निकलने में सफल रहे। बाद में भारी पुलिस बल की सुरक्षा में उन्हें वहां से बाहर निकाला गया।

भाषा राखी वैभव

वैभव


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