अयोग्यता याचिका : पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल के 10 बागी विधायकों को नोटिस भेजा

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अयोग्यता याचिका : पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल के 10 बागी विधायकों को नोटिस भेजा

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 12:21 AM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 12:21 AM IST

कोलकाता, 15 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे से जुड़े 10 सदस्यों को मंगलवार को नोटिस जारी कर ममता बनर्जी नीत गुट की ओर से दायर उस याचिका पर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा, जिसमें उन्हें विधायक के रूप में अयोग्य ठहराए जाने का अनुरोध किया गया है।

इस कदम ने पार्टी पर नियंत्रण को लेकर दोनों गुटों के बीच जारी तीखी लड़ाई को औपचारिक कार्यवाही में बदल दिया है।

विधानसभा सचिवालय की ओर से जिन विधायकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें सदन में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के अलावा अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, अखरुजमान अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, बिप्लब मित्रा, जावेद खान और रथिन घोष शामिल हैं।

विधानसभा सूत्रों ने बताया कि इन नेताओं से सात दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।

अंसारी ने मंगलवार रात विधानसभा सचिवालय से नोटिस मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हम पार्टी के भीतर इस मामले पर चर्चा करेंगे और समय पर उचित जवाब देंगे।”

यह घटनाक्रम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए ममता गुट के उम्मीदवार शोभनदेब भट्टाचार्य के ऋतब्रत और उनके नेतृत्व वाले गुट के नौ अन्य नेताओं को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने के अनुरोध को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख करने के एक दिन बाद सामने आया है।

चट्टोपाध्याय ने सात जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष रथिन बोस को पत्र लिखकर बागी गुट के 10 सदस्यों को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन विधायकों ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया है।

विपक्ष के नेता की नियुक्ति का मामला पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां चट्टोपाध्याय ने ऋतब्रत को इस पद के लिए मान्यता देने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी है।

भाषा पारुल गोला

गोला