दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, ऐसे करें पूजा जिससे खुश होती हैं धन की देवी

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, ऐसे करें पूजा जिससे खुश होती हैं धन की देवी

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, ऐसे करें पूजा जिससे खुश होती हैं धन की देवी
Modified Date: November 29, 2022 / 09:00 pm IST
Published Date: November 7, 2018 4:39 am IST

नई दिल्ली। रोशनी का त्योहार दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है। इस दिन हर घर हर गली दीयों के उजाले से जगमगा उठती है। दिवाली सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन हर तरफ दीयों और लड़ियों से रोशनी फैलाई जाती है। दिवाली या दीपावली का शाब्दिक अर्थ ही है दीयों को श्रृंखला में लगाना। मान्यता है कि यही दीये अंधकरा पर प्रकाश, असत्य पर सत्य, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाते हैं।

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दिवाली को अन्य भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे बंगाली में ‘दीपाबॉली’ नेपाली में ‘तिहार’ और ‘स्वन्ति’ सिंधी में ‘दियारी’, और मारवाड़ी में ‘दियाळी’। इस बार लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त – शाम 06:12 से 08:10 तक रहेगा यानि इस साल दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 1 घंटा 58 मिनट तक रहेगा। इसी दौरान सभी घरों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा सम्पन्न की जाएगी। कल छोटी दिवाली मनाई गई। इस दिन को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। छोटी दिवाली को यम की पूजा और अभ्‍यंग स्‍नान करने की परंपरा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल दिवाली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर मनाई जाती है। 

दिवाली पूजा के लिए जरूरी सामग्रियां
लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, लक्ष्मी जी को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र, लाल कपड़ा, सप्तधान्य, गुलाल, लौंग, अगरबत्ती, हल्दी, अर्घ्य पात्र, फूलों की माला और खुले फूल, सुपारी, सिंदूर, इत्र, इलायची, कपूर, केसर, सीताफल, कमलगट्टे, कुशा, कुंकु, साबुत धनिया (जिसे धनतेरस पर खरीदा हो), खील-बताशे, गंगाजल, देसी घी, चंदन, चांदी का सिक्का, अक्षत, दही, दीपक, दूध, लौंग लगा पान, दूब घास, गेहूं, धूप बत्ती, मिठाई, पंचमेवा, पंच पल्लव (गूलर, गांव, आम, पाकर और बड़ के पत्ते), तेल, मौली, रूई, पांच यज्ञोपवीत (धागा), रोली, लाल कपड़ा, चीनी, शहद, नारियल और हल्दी की गांठ.

दीपावली के दिन लक्ष्‍मी पूजन की विधि
धनतेरस के दिन माता लक्ष्‍मी और भगवान गणेश की नई मूर्ति खरीदकर दीपावली की रात उसका पूजन किया जाता है. यहां पर हम आपको दीपावली के दिन लक्ष्‍मी पूजन की विस्‍तृत विधि बता रहे हैं:

मूर्ति स्‍थापना: सबसे पहले एक चौकरी पर लाल वस्‍त्र बिछाकर उस पर मां लक्ष्‍मी और भगवान गणेश की प्रतिमा रखें. अब जलपात्र या लोटे से चौकी के ऊपर पानी छिड़कते हुए इस मंत्र का उच्‍चारण करें.

ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्‍थां गतोपि वा । य: स्‍मरेत् पुण्‍डरीकाक्षं स: वाह्याभंतर: शुचि: ।।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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