द्रमुक गठबंधन कमजोर नहीं हुआ, तमिलनाडु की जनता को अब भी गठबंधन पर भरोसा: स्टालिन

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द्रमुक गठबंधन कमजोर नहीं हुआ, तमिलनाडु की जनता को अब भी गठबंधन पर भरोसा: स्टालिन

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 11:26 AM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 11:26 AM IST

चेन्नई, 14 मई (भाषा) द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल नहीं करने के बावजूद द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन कमजोर नहीं हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन को मिले 1.54 करोड़ वोट इस बात का प्रमाण हैं कि तमिलनाडु की जनता ने इस गठबंधन पर अपना भरोसा बनाए रखा है।

चुनाव परिणामों के बाद, अधिकांश सहयोगी दलों ने खुले तौर पर कहा है कि वे अपनी निष्ठा बदले बिना द्रमुक के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेंगे।

स्टालिन ने कहा, ‘यह द्रमुक के प्रति सहयोगी दलों के नेताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’

पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘तदनुसार, हम सैद्धांतिक राजनीतिक दलों के रूप में एकजुट रहेंगे और हमेशा की तरह जनता के कल्याण और राज्य के अधिकारों के लिए अपनी यात्रा जारी रखेंगे। तमिलनाडु की रक्षा करने की शक्ति और जुझारू भावना हमारे पास है।’

उन्होंने कहा कि द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन ने तमिलनाडु को प्रगति के पथ पर ले जाने और राज्य के अधिकारों के नुकसान को रोकने के लिए मिलकर काम किया, लेकिन हाल ही में हुए चुनावों में वह पूर्ण विजय प्राप्त नहीं कर सका।

स्टालिन ने कहा, ‘तथ्य यह है कि गठबंधन की ताकत कम नहीं हुई है और 1.54 करोड़ वोट तथा (कुल) 72 सीटें जीतना यह दर्शाता है कि तमिलनाडु के लोगों ने हम पर भरोसा जताया है।’

उन्होंने गठबंधन में शामिल किसी भी पार्टी के नेता या उनके कार्यकर्ताओं को हुई किसी भी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और इसकी जिम्मेदारी ली।

उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी की कड़ी मेहनत और सहयोग के लिए फिर से आभार व्यक्त करना चाहता हूं।’

भाषा सुमित वैभव

वैभव