द्रमुक ने ईसी को 15 साल पुरानी ईवीएम के इस्तेमाल से रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया

द्रमुक ने ईसी को 15 साल पुरानी ईवीएम के इस्तेमाल से रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया

द्रमुक ने ईसी को 15 साल पुरानी ईवीएम के इस्तेमाल से रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: March 24, 2021 1:49 pm IST

चेन्नई, 24 मार्च (भाषा) द्रमुक ने निर्वाचन आयोग (ईसी) को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 15 साल से पुरानी ईवीएम का इस्तेमाल रोकने के लिये बुधवार को मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की।

तमिलनाडु में छह अप्रैल को चुनाव होने वाले हैं।

द्रमुक नेता आर एस भारती ने पार्टी की ओर से यह याचिका की, जिसमें सभी मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान सीसीटीवी के जरिए सीधा प्रसारण/वेब पर प्रसारण करने और ईवीएम रखे जाने के कक्षों एवं मतगणना केंद्रों में जैमर (सिग्नल को बाधित करने के लिए अवरोधक) लगाए जाने का भी अनुरोध किया गया है।

विपक्षी दल ने अदालत से निर्वाचन अधिकारियों को कम से कम 50 प्रतिशत वीवीपीएटी की गणना करने का निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया।

द्रमुक के वरिष्ठ वकील पी विल्सन की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति ने आयोग को नोटिस भेजकर उससे 29 मार्च तक जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति राममूर्ति ने आयोग को राजनीतिक दलों के साथ तत्काल बैठक करने का भी निर्देश दिया, ताकि वीडियोग्राफी के मकसद से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए जा सकें।

पीठ ने यह भी जानना चाहा कि क्या आयोग 15 साल से पुरानी ईवीएम का इस्तेमाल बंद करेगा।

उसने आयोग से यह भी पता लगाने को कहा कि क्या ईवीएम वाले कक्षों के आस-पास जैमर लगाए जा सकते हैं।

पीठ ने कहा कि वीवीपीएटी की गणना नियमों के अनुसार अनुमति होनी चाहिए।

भाषाा

सिम्मी अनूप

अनूप


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