किसानों, शिक्षकों के खिलाफ मामले वापस लेने के संबंधी नियम 110 पर द्रमुक ने जताई आपत्ति

किसानों, शिक्षकों के खिलाफ मामले वापस लेने के संबंधी नियम 110 पर द्रमुक ने जताई आपत्ति

किसानों, शिक्षकों के खिलाफ मामले वापस लेने के संबंधी नियम 110 पर द्रमुक ने जताई आपत्ति
Modified Date: September 2, 2026 / 09:05 pm IST
Published Date: September 2, 2026 9:05 pm IST

चेन्नई, दो सितंबर (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा नियम 110 के तहत पिछले पांच वर्षों में किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा पर तीखी बहस हुई, जिसमें विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने इस उद्देश्य के लिए इस प्रावधान के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।

विजय ने सदन को बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में, मई 2021 और अप्रैल 2026 के बीच उन किसानों और शिक्षकों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए, जिन्होंने अपनी आजीविका और अधिकारों के लिए संघर्ष किया था।

इस घोषणा के तुरंत बाद, विपक्षी दल द्रमुक के मुख्य सचेतक ईवी वेलु ने इस बयान पर आपत्ति जताई और सरकार पर “राजनीतिक मकसद” के लिए नियम का “गलत इस्तेमाल” करने का आरोप लगाया।

विपक्ष का रुख स्पष्ट करते हुए वेलु ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नियम 110 का इस्तेमाल करके जनहित की कल्याणकारी योजनाओं या नीतिगत फैसलों की घोषणा करने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने हालांकि तर्क दिया कि विकास संबंधी पहल शुरू करने के बजाय, मामले वापस लेने की घोषणा करके पिछली सरकार को निशाना बनाने के लिए इस प्रावधान का इस्तेमाल करना अनुचित था।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


लेखक के बारे में