झारखंड: भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की

झारखंड: भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की

झारखंड: भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की
Modified Date: September 2, 2026 / 09:43 pm IST
Published Date: September 2, 2026 9:43 pm IST

रांची, दो सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पार्टी के झारखंड अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात की और विभिन्न थानों में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने तथा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराने की मांग की। पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन भी सौंपा और राज्य सरकार को मामले वापस लेने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।

साहू ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘भाजपा ने राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। अगर तय समयसीमा के भीतर न्याय नहीं मिला तो भाजपा छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरेगी।’

23 अगस्त को विरोध मार्च के दौरान रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में पुलिस और प्रदर्शन कर रहे नौकरी के अभ्यर्थियों के बीच हुई झड़पों के सिलसिले में कम से कम छह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें 50 से अधिक नामजद और 1,100 से ज्यादा अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप वर्मा, प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश और अन्य नेता भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।

साहू ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को घटनाक्रम से अवगत कराया और कहा कि राज्य के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं।

साहू ने आरोप लगाया, ‘जेएसपीएससी और जेएसएससी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के जरिए नौकरियां बेची जाती हैं और रातोंरात प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं। जब छात्र इस अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं तो पुलिस उन पर लाठीचार्ज करती है और राज्य के विभिन्न थानों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी जाती है।’

साहू ने आरोप लगाया, ‘जेएसपीएससी और जेएसएससी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के जरिए नौकरियां बेची जाती हैं और रातोंरात प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं। जब छात्र इस अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं तो पुलिस उन पर लाठीचार्ज करती है और राज्य के विभिन्न थानों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी जाती है।’

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित उन सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की भी मांग की, जिन्हें राज्य सरकार ने ‘अनियमितताओं को स्वीकार करने के बाद’ रद्द या स्थगित कर दिया था।

भाषा तान्या रंजन

रंजन


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