त्रिची में द्रमुक का महासम्मेलन सिर्फ ‘दिखावटी’ है’: टीवीके
त्रिची में द्रमुक का महासम्मेलन सिर्फ ‘दिखावटी’ है’: टीवीके
तंजावुर (तमिलनाडु), नौ मार्च (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने त्रिची में सोमवार को आयोजित होने जा रहे सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के महासम्मेलन को ‘‘दिखावटी’’ करार देते हुए दावा किया कि किसी भी प्रकार के प्रयास भी सत्ताधारी पार्टी को विजय के पक्ष में बढ़ते जनसमर्थन की लहर से नहीं बचा सकते।
टीवीके नेता नांजिल संपत ने कहा कि द्रमुक का शक्ति प्रदर्शन स्वाभाविक नहीं बल्कि बनावटी है और रविवार को यहां एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान द्रमुक के व्यापक लामबंदी प्रयासों पर चुटकी ली।
उन्होंने कहा, “वहां कोई वास्तविक जन जागरण नहीं है।’’
यह जुबानी जंग ऐसे समय में छिड़ी है जब दोनों दल महत्वपूर्ण डेल्टा क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने में जुटे हैं। जहां द्रमुक ने त्रिची सम्मेलन को ‘‘सबसे अहम’’ बताते हुए 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तत्परता दिखाई, वहीं टीवीके ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल हाल में तंजावुर में हुई विजय की सफल रैली से ‘‘घबरा’’ कर ऐसा कर रहा है।
संपत ने कहा, ‘‘वे लगातार बैठकें कर रहे हैं क्योंकि उनकी स्थिति खराब है। वे मीडिया और अपने सहयोगियों पर दबाव डाल रहे हैं क्योंकि तमिलनाडु भर में टीवीके की लोकप्रियता बढ़ रही है।’’
विजय द्वारा महिलाओं के लिए 2,500 रुपये के मासिक अनुदान के वादे को द्रमुक की मौजूदा ‘‘मगलिर उरिमाई थोगई’’ की नकल बताने के दावों का जवाब देते हुए संपत ने इसे खारिज कर दिया।
संपत ने कहा, ‘‘आप चावल खाते हैं और मैं भी चावल खाता हूं। तो क्या इसका मतलब यह है कि जब मैं खाता हूं तो मैं आपकी नकल कर रहा हूं? हम वह अनुदान प्रदान कर रहे हैं जिसकी महिलाएं हकदार हैं, जबकि द्रमुक ने सामाजिक कल्याण को सिर्फ पौष्टिक भोजन तक सीमित कर दिया।’’
उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित मद्रास विश्वविद्यालय सहित 12 सरकारी विश्वविद्यालय वर्तमान में कुलपतियों के बिना काम कर रहे हैं।
संपत ने आरोप लगाया, ‘‘एक प्रोफेसर या शिक्षक से नौकरी की नियुक्ति के लिए 70 लाख रुपये तक मांगे जा रहे हैं… उच्च शिक्षा विभाग बर्बाद हो गया है।’’
चुनावी गठबंधन के सवाल पर टीवीके नेता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें किसी गठबंधन की आवश्यकता नहीं है।
भाषा प्रचेता खारी
खारी

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