दिल्ली में वृद्धावस्था और दिव्यांगता पेंशनधारकों का घर-घर जाकर होगा बायोमेट्रिक सत्यापन
दिल्ली में वृद्धावस्था और दिव्यांगता पेंशनधारकों का घर-घर जाकर होगा बायोमेट्रिक सत्यापन
( श्रुति भारद्वाज )
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) दिल्ली सरकार वृद्धावस्था और दिव्यांगता पेंशन प्राप्त करने वाले पांच लाख से अधिक लाभार्थियों का घर-घर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराएगी।
इस पहल का उद्देश्य लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अद्यतन करना और यह सुनिश्चित करना है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे।
एक अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभाग ने साझा सेवा केंद्र (सीएससी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
उन्होंने कहा कि सीएससी का दिल्ली में लगभग 6,000 केंद्रों का नेटवर्क है, जो लाभार्थियों के घरों पर जाकर सत्यापन कार्य में विभाग की सहायता करेगा।
अधिकारी ने बताया, ‘‘इस अभियान के तहत सर्वेक्षण दल घर-घर जाकर लाभार्थियों की उंगलियों के निशान और आईरिस (नेत्र पुतली) स्कैन कर बायोमेट्रिक सत्यापन करेगा। यह दल लाभार्थियों का फोटो भी खीचेंगा और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजीकरण के जरिए उनके रिकॉर्ड का अद्यतन करेगा।’’
उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान अगले एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है और लगभग पांच महीने में उसके पूरा हो जाने की संभावना है।
अधिकारी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों को मिले, जिसके लिए लाभार्थियों की पहचान की पुष्टि कर उनके रिकॉर्ड को अद्यतन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में ऐसे लोगों के नाम पर भी पेंशन जारी की जा रही है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो दिल्ली से बाहर जा चुके हैं या जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते। सत्यापन अभियान ऐसे मामलों की पहचान करने में मदद करेगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ मामलों में लाभार्थी के अपात्र हो जाने के बावजूद पेंशन जारी की जा रही होती है। सत्यापन ऐसे मामलों का पता लगाने और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने में सहायक होगा।’’
विभाग का मानना है कि इस अभियान से लाभार्थियों के आंकड़ों की शुद्धता बढ़ेगी और कल्याणकारी योजनाओं में होने वाली संभावित गड़बड़ियों या रिसाव पर रोक लगेगी।
अधिकारी ने कहा कि अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने के बाद होने वाली बचत का उपयोग अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय प्रस्तावों में किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि विभाग ने सर्वेक्षण दलों की सहायता और संचालन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि इस सत्यापन अभियान के प्रस्ताव को पहले ही मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है और अब इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में फिलहाल 4.35 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पंजीकृत हैं। साठ से 69 वर्ष तक के लाभार्थियों को प्रति माह 2,000 रुपये पेंशन मिलती है, जबकि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को 2,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के अलावा दिव्यांगजनों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को भी इस सत्यापन अभियान के दायरे में शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि यह पहल सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करेगी।
भाषा
मनीषा राजकुमार
राजकुमार

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