(अनिल भट)
जम्मू, 31 मई (भाषा) ‘नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान’ के पहले 50 दिनों में केंद्र शासित प्रदेश में 1,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही 341 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस अभियान को मादक पदार्थ की तस्करी और ‘नार्को-आतंकवाद’ के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि 11 अप्रैल को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा शुरू किये गए इस अभियान का लक्ष्य केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थ के पूरे तंत्र को ध्वस्त करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत तस्करी और मादक पदार्थ से जुड़े आतंकी नेटवर्क को नष्ट किया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 11 अप्रैल से 29 मई तक जम्मू कश्मीर पुलिस ने नशीले पदार्थ से संबंधित अपराधों के लिए 923 प्राथमिकी दर्ज कीं और 1,018 लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि इस अवधि के दौरान 120 करोड़ रुपये मूल्य की 12 किलोग्राम हेरोइन सहित 341 किलोग्राम मादक पदार्थ और बड़ी संख्या में नशे की गोलियां जब्त की गईं।
अधिकारियों ने स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अवैध तस्करी रोकथाम (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 55 लोगों को हिरासत में भी लिया।
अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थ नेटवर्क के खिलाफ जारी वित्तीय अभियान के तहत पुलिस ने 63.93 करोड़ रुपये मूल्य की 89 अचल संपत्ति कुर्क की और 19.77 करोड़ रुपये मूल्य की 63 संपत्ति को ध्वस्त किया। अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थ से जुड़ी करीब 83 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने इस अभियान को एक बड़े पैमाने पर, जन-केंद्रित अभियान बताया जिसने मादक पदार्थ की तस्करी के नेटवर्क और ‘नार्को-आतंकवाद’ पर दोहरा हमला किया है। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत अपराधियों और संबंधित वित्तीय बुनियादी ढांचे, दोनों को निशाना बनाया गया है।
भाषा सुरभि अमित
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